औरैया। किसानों को उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए विपणन विभाग की ओर से एमएसपी निर्धारित करते हुए अनाज की खरीद की जा रही है।
उधर, खरीद के मामले में शासन स्तर से निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष जिले में खरीद को रफ्तार नहीं दी जा सकी है। बाजरा की खरीद 31 दिसंबर को समाप्त होने जा रही है। अभी तक महज 65 फीसदी ही बाजरा खरीदा जा सका है।
जिले में एक अक्तूबर को बाजरा की सरकारी खरीद को लेकर 14 क्रय केंद्र खोले गए थे। चार हजार के करीब किसानों ने अपनी उपज बिक्री करने के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन भी कराया था। इस खरीद को लेकर शासन स्तर से 14000 एमटी का लक्ष्य रखा गया था। 31 दिसंबर तक यह काम पूरा होना था। इस डेडलाइन को अब महज छह दिन शेष हैं। अभी तक महज 2965 किसानों से 9210 एमटी बाजरा खरीदा जा सका है।
शासन से मिले लक्ष्य के सापेक्ष महज 65 फीसदी काम पूरा हो सका है। बाजरा खरीद की यह स्थिति तब है जबकि एमएसपी के तहत सरकारी केंद्र पर बाजरे का भाव 2775 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है। वहीं आढ़तों पर बाजरे का भाव 2000 रुपये प्रति क्विंटल है। अंतिम सप्ताह में खरीद का यह लक्ष्य भेदना विपणन विभाग के लिए आसान नहीं दिख रहा है। उधर केंद्रों पर भी सन्नाटा दिखने लगा है।
14 क्रय केंद्रों पर बाजरे की खरीद अभी चल रही है। 2965 किसानों से 9210 एमटी बाजरा खरीदा जा चुका है। शेष समय में अभी लक्ष्य पाने का प्रयास किया जा रहा है।
-बृजेश कुमार, जिला विपणन अधिकारी