औरैया। जिले को ओडीएफ करने के नाम पर बड़े पैमाने पर खामियां उजागर हो रही हैं। डीएम ने मंगलवार को तहसील दिवस में अजीतमल की 15 ग्राम पंचायतों का अलग-अलग अधिकारियों से सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे। आठ ग्राम पंचायतों में खामियां मिलने पर डीएम ने प्रधानों के अधिकार सीज करके सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। वहीं सात ग्राम पंचायत के प्रधानों को खामियां दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में शौचालय की धनराशि लाभार्थियों के खाते में न भेजकर प्रधानों ने खुद ही शौचालयों का निर्माण कराया है। इनकी गुणवत्ता खराब है। जिसको लेकर आए दिन ग्रामीणों द्वारा अधिकारियों से शिकायती की जा रही थी। इस पर डीएम ने ब्लाक अजीतमल की 15 ग्राम पंचायतों का 15 जिला स्तरीय अधिकारियों से रेंडम निरीक्षण कर शौचालयों की वास्तविक स्थिति बताने को कहा गया था। साथ ही शौचालय निर्माण प्रधान अथवा लाभार्थियों द्वारा कराए जाने की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट उनके कार्यालय में देने के निर्देश दिए थे। 15 में ग्राम पंचायत बड़ेरा, बरुआई, भीखेपुर, बिलांवा, चंदनापुर दयाल सिंह, दहियापुर, हाफिसपुर, मगगंवा, सांफर, सराय टड़वा, सेंगनपुट्टा, चांदपुर ककरैया, बिरुहूनी, हजरतपुर, शहबाजपुर का सत्यापन अधिकारियों द्वारा किया गया।
ग्राम पंचायत बरुहाई, चंदनापुर दयाल सिंह, दहियापुर, सांफर, मलगवां, सेंगनपुट्टा, विरुहूनी, व शहबाजपुर में अधिकांश शौचालयों का निर्माण प्रधान द्वारा कराया गया था। शौचालयों की गुणवत्ता खराब पाई गई। लाभार्थियों को भेजी गई धनराशि के बावजूद शौचालयों का निर्माण होना नहीं पाया गया। प्रधान द्वारा लाभार्थी को प्रेरित न करने व अधिकांश शौचालयों का निर्माण स्वयं कराने तथा गुणवत्ता खराब होने की रिपोर्ट अधिकारियों द्वारा दी गई। जिस पर डीएम अभिषेक सिंह ने कड़ा रुख अख्तिायर करते हुए आठ ग्राम पंचायत के प्रधानों को अधिकाश सीज व सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से प्रधानों और सचिवों में हड़कंप मचा है।