औरैया। सब पढ़ें, सब बढ़ें के तहत अब सरकार आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शारदा अभियान चलाकर शिक्षित करेगी। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने इसको लेकर आदेश जारी किया है। जिसमें ऐसे बच्चे चिह्नित कर शिक्षित किए जाएंगे, जिनका कभी स्कूलों में दाखिला ही नहीं हुआ।
अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत समय-समय पर सरकार नई योजनाएं लाकर बच्चों को शिक्षित करने का काम कर रही है। इसी क्रम में एक बार फिर से मिशन शारदा चलाया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2021-22 में छह से 14 वर्ष आयु के आउट ऑफ स्कूल बच्चे चिह्नित किए जाएंगे। इनका नामांकन और पंजीकरण स्कूलों में कराया जाएगा।
इसको लेकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश ने आदेश जारी किया है। बच्चों को उनकी दक्षता के अनुसार कक्षा में नामांकन कराया जाएगा। साथ ही शिक्षकों द्वारा स्कूल में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसे मिशन शारदा हर दिन स्कूल आए नाम दिया गया है। अधिकारी और बेसिक शिक्षा विभाग इस अभियान पर विशेष नजर रखेगा। मिशन शारदा में वह बच्चे भी शामिल किए जाएंगे जो बिना सूचना के 45 दिन व उससे अधिक विद्यालय से लगातार अनुपस्थित रहे हों।
बीएसए चंदना राम इकबाल ने बताया कि इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए जा चुके हैं। वह अपने क्षेत्र में ऐसे बच्चों को चिह्नित कर स्कूल लाकर पंजीयन कराएंगे। मिशन शारदा के तहत समय-समय पर इसकी मानीटरिंग भी की जाएगी। जिससे निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का लाभ प्रत्येक बच्चे को मिल सके।