औरैया। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) मनराज सिंह ने आठ वर्ष पूर्व थाना दिबियापुर क्षेत्र से एक नाबालिग इंटर की छात्रा को बहला-फुसलाकर ले जाने व छेडख़ानी के दोषी युवक संदीप यादव को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। उस पर 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया।
अभियोजन की ओर से उक्त मामले की पैरवी कर रहे डीजीसी व विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार पीड़ित के भाई ने थाना दिबियापुुर में रिपोर्ट लिखाई कि उसकी 15 वर्षीया बहन इंटरमीडिएट की छात्रा है। उसकी बहन प्रतिदिन सुबह विद्यालय पढ़ने जाती थी और शाम को घर वापस आ जाती थी।
नौ नवंबर 2016 को बहन प्रतिदिन की भांति कॉलेज जाने की कहकर घर से गई थी, लेकिन शाम को विद्यालय बंद हो जाने के बाद जब वह वापस घर नहीं आई तो उसकी खोज की गई। जानकारी करने पर ग्राम मोढादेव थाना भरथना (इटावा) निवासी संदीप यादव द्वारा बहन को बहला-फुसलाकर ले जाने की बात स्पष्ट हुई। पुलिस ने 12 नवंबर 2016 को मामले का खुलासा करके संदीप के विरुद्ध पॉक्सो, अपहरण व छेड़खानी का आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया।
यह मामला विशेष न्यायालय पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह की कोर्ट में शनिवार को सुना गया। विशेष लोक अभियोजक ने नाबालिग के साथ हुए इस अपराध पर कठोर दंड दिए जाने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने 30 वर्षीय युवक की गरीबी व परिवार के भरण पोषण की समस्या को रखते हुए रहम करने की मांग की।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनराज सिंह ने दोषी संदीप यादव को कुल सात वर्ष के कठोर कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। कोर्ट ने प्रस्तुत मामले में जमा कराई गई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का भी आदेश दिया। दोषी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।