अजीतमल। राष्ट्रीय मृदा मानचित्रण कार्यक्रम के तहत नोएडा से आए भारतीय मृदा एवं भू उपयोग सर्वेक्षण केंद्र की टीम यहां सर्वे कर रही है। यह सर्वेक्षण जिले में पहली बार हो रहा है।भारतीय मृदा एवं भू उपयोग सर्वेक्षण, आईएनएम प्रभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की ओर से किए जा रहे सर्वे के तहत मिट्टी में पोषण, खनिज, कठोरता आदि की जांच भी होगी।
इन दिनों अजीतमल व औरैया तहसील क्षेत्र में सर्वे हो रहा है। भारतीय मृदा एवं भू उपयोग सर्वेक्षण विभाग के जितेंद्र कुमार मौर्य, सहायक क्षेत्र अधिकारी, देवेंद्र दंबीवाल, सहायक क्षेत्र अधिकारी शुभम पाल आदि की टीम सर्वे कर रही है। सर्वे करने पहुंचे रिव्यू अधिकारी महेंद्र सिंह, सहायक मृदा सर्वेक्षण अधिक भारतीय मृदा एवं भू उपयोग सर्वेक्षण ने अजीतमल तहसील के क्षेत्र मुरादगंज में चल रहे कार्य को देखा। उन्होंने बताया कि उपग्रह से प्राप्त नक्शे की मदद से मिट्टी की विभिन्नता को देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि सर्वे में एक मीटर से अधिक गहराई तक के मिट्टी का अध्ययन किया जाता है। मिट्टी की उत्पादकता की जांच के लिए मिट्टी के 15 सेमी ऊपरी सतह का भी नमूना लिया जा रहा है। इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य विभिन्न प्रकार की मृदा की पहचान करना और उनका वर्गीकरण करना है। साथ ही मृदा परिवार संघ के साथ मृदा संसाधन मानचित्र तैयार करना और विभिन्न प्रकार की मृदा की विशिष्ट प्रकृति और विस्तार की पहचान करना है। उन्होंने बताया कि यह परीक्षण पूरे जिले में होगा। मृदा का नमूना लेकर मृदा एवं भू उपयोग सर्वेक्षण नोएडा केंद्र भेजा जाएगा। वहां पर विस्तार से इसकी जांच होकर के रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी जाएगी। जिससे यहां के क्षेत्र के विकास के लिए कोई काम हो सके।