औरैया। सूचना के अधिकार के तहत बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध न कराना बीएसए को महंगा पड़ गया है। राज्य सूचना आयुक्त ने बीएसए पर तीन सूचनाओं की अनदेखी करने पर कुल 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इनमें एक सूचना न देने के मामले में उनके साथ विभाग के लेखाधिकारी पर भी जुर्माना लगाया गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक कुलदीप चतुर्वेदी की ओर से मांगी गई जानकारी उपलब्ध न कराने पर यह कार्रवाई हुई है। औरैया सदर ब्लॉक के जैतपुर स्थित कंपोजिट स्कूल में तैनात कुलदीप चतुर्वेदी के मुताबिक वह अलग-अलग समय पर बीएसए कार्यालय से अलग-अलग जानकारी मांग चुके हैं। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी अब तक उपलब्ध नहीं करवाई गई है।
निश्चित समय तक जानकारी उपलब्ध न होने पर उन्होंने राज्य सूचना आयोग तक गुहार लगाई। इसी के तहत वहां से यह कार्रवाई हुई है। कुलदीप चतुर्वेदी के मुताबिक बीएसए पर 25-25 हजार रुपये के दो जुर्माने लगाए गए हैं। तीसरा जुर्माना भी 25 हजार रुपये का है। इसमें बीएसए के साथ ही विभागीय लेखाकार को भी शामिल किया गया है।
कुलदीप के मुताबिक इसके पहले भी उनकी शिकायत पर बीएसए के खिलाफ तीन और मामलों में कुल 75 हजार रुपये का जुर्माना लग चुका है। छह बार जुर्माना लगने के बावजूद उन्हें सूचना उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। आरोप लगाया कि विभाग में भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए ही जानकारी देने से बचने की कोशिश की जा रही है। जो सूचना मांगी गई है, उसमें अपने खिलाफ हुई निलंबन की कार्रवाई से जुड़ी 11 बिंदुओं की जानकारी, विभागीय अधिकारी, तैनात कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी, निलंबन के लिए जारी नोटिस से जुड़ी जानकारी शामिल हैं।
इस संबंध में बीएसए संजीव कुमार ने बताया कि उन्हें जुर्माने की कोई जानकारी नहीं मिली है। जिन मामलों में कार्रवाई होना बताया जा रहा है वह मामले कहां लंबित हैं उनको दिखवाया जाएगा।