पिता की मौत से अपने दोनों छोटे भाईयों को साथ लेकर घर के बाहर बैठा सूरज
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बिजली विभाग की लापरवाही से तीन बच्चों के सिर से बाप का साया उठ गया। इस परिवार का सबसे बड़ा बेटा सूरज अभी आठ साल का है। पिता की मौत के बाद अब उसके कंधे पर अपने दो छोटे भाइयों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी आ गई। उसका सबसे छोटा भाई तो अभी चार माह का ही है। ऐसे में मजदूरी करके पेट पालने वाले मृतक राजेन्द्र के घर अब दो जून की रोटी का भी संकट खड़ा हो गया।
बिजली करंट की चपेट में आने से राजेंद्र सिंह की मौत के बाद अब इस परिवार के भरण पोषण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक राजेंद्र सिंह परिवार का एकलौता कमाने वाला था। ग्राम प्रधान सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आजादपुर गांव में बंजारा जाति के लोग ही रहते हैं। मृतक का मनरेगा में भी जॉब कार्ड है। वहीं गांव में बलकट पर खेती करके वह परिवार का पालन पोषण करता था। उसकी मौत के बाद परिवार में पत्नी पप्पी देवी के अलावा तीन बच्चे हैं। इनमें सूरज (8), सोनू (5) और सबसे छोटा प्रशांत चार माह का है। ऐसे में पिता का साया छिन जाने से इन नन्हे कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी आ गई है। इनमें दो बच्चे सूरज और सोनू पास के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन और कक्षा एक के छात्र हैं।
विधायक ने दिया मदद का आश्वासन
घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक प्रदीप यादव ने मृतक के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। वहीं पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद का आश्वासन दिया। विधायक ने बताया कि पांच लाख रुपये श्रम विभाग से और एक लाख रुपये बिजली विभाग से दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही से हादसा हुआ है। इस पर भी कार्रवाई की जाएगी।