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पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से किसानों में नाराजगी

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औरैया। लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदेश सरकार ने वैट में कमी करके पेट्रोल और डीजल के दामों में राहत दी थी लेकिन अब पेट्रोल में 2.35 और डीजल में 98 पैसे बढ़ाकर जनता पर बोझ डाल दिया है। इससे किसानों में प्रदेश सरकार के प्रति खासा आक्रोश है।
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व्यापारी वर्ग ने कहा कि सरकार व्यापारियों के हित को ध्यान में रखकर काम नहीं कर रही है। किसानों ने कहा कि डीजल व पेट्रोल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से खेती करना दिनों दिन महंगा होता जा रहा है। कई किसानों को अब फसल का वाजिब हक मिलना भी मुश्किल हो रहा है।
समाजसेविका नीरज देवी ने बताया कि जनता के हितों को देखते हुए प्रदेश सरकार को बढ़ाई गई डीजल व पेट्रोल के दामों में कमी करनी ही होगी। नहीं तो जनता आने वाले दिनों में सरकार को नकारने का काम करेगी। बताया कि इस बढ़ी कीमतों का असर हर वर्ग पर देखने को मिलेगा।
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किसान विनोद कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार में बैठे नेता अपने आप को किसानों को हितैषी बताते हैं लेकिन प्रदेश के नेता किसानों के हित को ध्यान में नहीं रखते। बढ़ी पेट्रोल व डीजल की कीमतों का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ेगा। खेती करना अब और भी महंगा हो जाएगा।
आशुतोष यादव ने बताया कि इस सरकार ने 10 माह पहले जनता को राहत दी थी लेकिन डीजल व पेट्रोल के दाम में बढ़ोत्तरी कर उनका चैन छीन लिया है। बढ़े पेट्रोल व डीजल के दामों से महंगाई देखने को मिलेगी और लोगों की जेबों पर अतिरिक्त बोझ भी आन पड़ा है।
किसान एवं युवा सपा नेता अनुज यादव ने बताया कि भारतीय जनता भोली भाली जनता को गुमराह कर रही है। पहले सपने दिखाती है और बाद में उन पर बोझ डालकर जनता को अधमरा करने का काम कर रही है। बताया कि पेट्रोल व डीजल के दाम स्थिर न होने से महंगाई दिनों दिन बढ़ती जा रही है।
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