औरैया। आतंकी अजमल के नाम से वर्ष 2018 में बिधूना तहसील से जाति व निवासी प्रमाणपत्र जारी किया गया था। इस मामले में डिजिटल हस्ताक्षर होने पर तत्कालीन तहसीलदार के खिलाफ जांच की गई थी। जांच में दोषी पाए जाने पर एक बार फिर से राजस्व परिषद ने रिपोर्ट के साथ कार्रवाई की संस्तुति मांगी थी। डीएम ने बाकी बचे सबूतों की रिपोर्ट भेज दी है। इसके बाद तत्कालीन तहसीलदार पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
19 अक्तूबर 2018 को बिधूना तहसील के लेखपाल लाखन सिंह शाक्य की रिपोर्ट पर आंबेडकर नगर निवासी मोहम्मद अजमल पुत्र मोहम्मद आमिर के नाम डिजिटल हस्ताक्षर का प्रमाणपत्र जारी हुआ था। इसमें मुंबई हमले के आतंकी अजमल कसाब की फोटो लगी थी।
मामले की जानकारी होने पर कई बार अलग-अलग जांचें हुईं। जांच में तत्कालीन तहसीलदार राजकुमार चौधरी, कानूनगो व लेखपाल लाखन सिंह शाक्य को दोषी पाया गया था। इसकी रिपोर्ट पूर्व तत्कालीन जिलाधिकारी सुशील कुमार वर्मा ने शासन को भेजी थी।
इधर कुछ दिन पहले कई अन्य बिंदुओं पर राजस्व परिषद ने रिपोर्ट के साथ कार्रवाई की संस्तुति मांगी। जिलाधिकारी प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि राजस्व परिषद को मांगी गई रिपोर्ट भेज दी है। शासन से ही मामले में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि राजकुमार चौधरी वर्तमान में कानपुर देहात में तैनात बताए जा रहे हैं।