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गबन में दो एसडीएम, अध्यक्ष और लिपिक पर रिपोर्ट दर्ज

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अजीतमल (औरैया)। अजीतमल कोतवाली में बुधवार को वर्ष 2013 से लेकर 2016 के बीच नगर पंचायत बाबरपुर-अजीतमल में हुए निर्माण कार्य और सामान की खरीद-फरोख्त में लाखों रुपये के गबन करने का मामला सामने आया है। इस मामले में विजिलेंस उप निरीक्षक सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कोतवाली में तत्कालीन लिपिक, तत्कालीन दो एसडीएम, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ सरकारी धन का दुरुपयोग करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के उप निरीक्षक सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बुधवार को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि तत्कालीन एसडीएम अनिल कुमार त्रिपाठी के पास 20 मार्च 2013 से लेकर 17 जुलाई 2013 तक अधिशासी अधिकारी का अतिरिक्त चार्ज था। उन्होंने 21 मई 2013 को 46 इंडिया मार्का हैंडपंप की कोटेशन निकाली थी। उन हैंडपंपों की प्राप्त कोटेशन बृजेश कुमार कॉंट्रेक्टर एंड सप्लायर्स बाबरपुर, प्रभु दयाल-राम स्वरूप फर्म लाटूश रोड कानपुर और जय मां दुर्गे आयरन स्टोर अजीतमल की हुई थी। जिसमें जय मां दुर्गा आयरन स्टोर की सबसे न्यूनतम रुपये 30 हजार रुपये प्रति दर हैंडपंप को अध्यक्ष/अधिशासी अधिकारी ने स्वीकृति दी थी। उक्त फर्म की पत्रावली पर दाई ओर लिपिक मेघ सिंह ने बिल क्रमश: 450000, 300000, 630000 (13,80,000) लगे थे। उन सभी बिलों पर ईओ और अध्यक्ष के हस्ताक्षर नहीं पाए गए।
जबकि जल निगम के सहायक अभियंता एसके गौतम ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2013-14 में 46 इंडिया मार्का हैंडपंप स्थापित किए गए। उनके बारे में कोई भी मानक उपलब्ध नहीं कराया गया। ऐसे में मानक के अनुसार जांच संभव नहीं हैं। वहीं, एक लाख से अधिक के टेंडर आमंत्रित किए जाने की कार्यवाही की जानी थी। उसका भी अनुपालन नहीं किया गया। बिना सत्यापन जांच रिपोर्ट के बाद भी लिपिक मेघ सिंह, ईओ बृजपाल सिंह और अध्यक्ष अशोक कुमार चक ने घोर अनियमितता बरतते हुए भ्रष्ट एवं मनमानी तरीके से जय मां दुर्गा आयरन स्टोर के प्रोपराइटर राकेश कुमार को भुगतान कर दिया। वहीं, बोर्ड की मीटिंग में सर्व सम्मति से एक ट्रैक्टर क्रय करने का निर्णय लिया गया। तीन जून 2013 को मां गौरैया इंटर प्राइजेज से एक न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर और 55 ओवर हटिंग एचपी लोडर क्रय करने का शासनादेश जारी किया गया। जिसमें 14 जून 2013 को अग्रिम भुगतान स्वीकृत करते हुए भुगतान कर दिया गया। इस निविदा का प्रकाशन औरैया में न कराकर इटावा जिले में कराया गया।
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वहीं, नगर में ट्यूबवेल लगाने के लिए तत्कालीन एसडीएम/ ईओ अनिल त्रिपाठी, अध्यक्ष अशोक चक, सफाई नायक/लिपिक जालिम सिंह और लिपिक मेघ सिंह ने कूट रचित दस्तावेज तैयार कर उनको असली रूप में उपयोग किया। वित्तीय वर्ष 2013-14 में हुए आरसीसी पुलिया के निर्माण, नाली के निर्माण व इंटर लॉकिंग, सीसी रोड के निर्माण आदि में बड़े स्तर पर अनियमितताएं पाई गईं। बुधवार को सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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