दिबियापुर (औरैया)। सत्रह माह पहले फफूंद थाने के प्रभारी निरीक्षक संजीव सिंह राठौर की उपचार के बाद मौत के मामले में मृतक की पत्नी ने कृष्णा मेडिकल सेंटर के मालिक समेत तीन चिकित्सकों पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रुचि राठौर पत्नी स्व. संजीव सिंह राठौर निवासी रामगोपाल चौराहा बर्रा कानपुर ने शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें बताया कि 26 अप्रैल 2020 की शाम को तत्कालीन एनटीपीसी चौकी इंचार्ज मुहम्मद शाकिर ने उन्हें फोन कर बताया कि उनके पति को कार्डियक अरेस्ट हुआ है। सूचना पर वह हृदय रोग संस्थान कानपुर पहुंचीं। यहां चिकित्सकों ने उनके पति को मृत घोषित कर दिया। उन्हें बताया गया कि 13 अप्रैल को उनके पति गले में गांठ के उपचार के लिए कृष्णा मेडिकल सेंटर (केएमसी) दिबियापुर गए थे। जांच के बाद 26 अप्रैल को बायोप्सी के लिए बुलाया था। 26 अप्रैल को हमराह अनिल व ड्राइवर उन्हें लेकर अस्पताल गए थे। शल्य चिकित्सा की सहमति सिपाही अनिल से ली गई थी। आरोप लगाया कि ऑपरेशन से पहले उनके पति को कोई बीमारी नहीं थी।
केएमसी मालिक डॉ ब्रजेश द्वारा गलत सलाह देकर पैसा कमाने की नीयत से उनके पति का गलत ऑपरेशन किया गया। आरक्षी सिपाही अनिल से गलत सहमति दर्शाकर हृदय रोग संस्थान कानपुर रेफर किया गया। चार सदस्यीय विशेषज्ञ जांच समिति की जांच में भी चिकित्सकों की लापरवाही पाई गई। मामले में पीड़िता ने तहरीर दी। इस पर पुलिस ने केएमसी के मालिक डॉ ब्रजेश यादव, सैफई के चिकित्सक डॉ निर्मल, एनेस्थेटिक डॉ प्रदीप के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले में स्टाफ व पुलिस कर्मी पर भी आरोप लगाया गया है।
डॉ ब्रजेश यादव का कहना है कि प्रशासनिक दबाव के कारण उन पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन्होंने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। पिछले दिनों पंजाब नेशनल बैंक का बकाया अदा न कर पाने के कारण केएमसी को सील किया जा चुका है। प्रभारी निरीक्षक आलोक दुबे का कहना है कि जांच की जाएगी।