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आफत बन कर आई बारिश, कहीं गिरे मकान तो कहीं घुटनों तक पानी

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हुकुमपुर डेरा में मकान गिरने के बाद बेसुध बैठा ओमप्रकाश। संवाद - फोटो : AURAIYA
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औरैया। तीन दिन से हो रही बारिश से शहर के नई बस्ती पढ़ीन दरवाजा, गायत्री नगर, कांशीराम कालोनी पुरानी कलक्ट्रेट, नरायनपुर, आवास विकास कालोनी समेत कई इलाकों में पानी भर गया। ग्रामीण क्षेत्रों अजीतमल के फूलपुर, अयाना के बीहड़ क्षेत्र के कई गांव, कंचौसी, रुरुगंज, बेला, बिधूना, सहार, सहायल क्षेत्र में बारिश के कारण मुसीबत खड़ी हो गई। किसी की गृहस्थी बर्बाद हो गई तो कोई घर गिरने के बाद गुमसुम नजर आया। पीड़ितों के आंसू बता रहे थे कि उन पर आफत की बारिश हुई है। लोगों ने जल निकासी का प्रबंध न होने पर सरकारी मशीनरी को जिम्मेदार ठहराकर शीघ्र समस्या से निजात की मांग की है।
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कंचौसी के चमरौआ में कच्चे मकान की दीवार गिरने से चंद्रशेखर दोहरे (50) मलबे में दबकर घायल हो गए। दो बकरियां, एक बछड़ा दबकर मर गया। सहार ब्लाक के ढिकियापुर में हरिश्चंद्र कठेरिया का कच्चा मकान गिर गया। सहायल के मांधवन गांव में किसान राकेश बाबू का कच्चा मकान ढह गया। तीन बकारियां मलबे में दबकर मर गईं। वहीं गृहस्थी बर्बाद हो गई। रुरुखुर्द के मजरा लक्षमनपुर में शशिनाथ का घर गिर गया। रूरूआ पंचायत के मजरा हुकुमपुर डेरा मे ंमजदूर ओम प्रकाश पुत्र मलखान के घर की दीवार ढह गई। अयाना के सड़नापुर में राजनारायण दुबे का मकान गिर गया। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित रहा।
सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित
बारिश के कारण बिधूना, बेला, कंचौसी, अजीतमल के कई फीडरों से बिजली आपूर्ति बाधित रही। शुक्रवार शाम तक असेनी, बेला, बिधूना, अजीतमल फीडरों के सैकड़ों गांवों की आपूर्ति बाधित रही।
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