अजीतमल (औरैया)। कस्बे के आंबेडकर नगर मोहल्ले में 26 मई से पानी की मोटर खराब है। मोटर खराब होने और बोर ठीक न हो पाने के कारण पांच वार्डों में इस भीषण गर्मी में पेयजल संकट बना है। अमर उजाला ने इस समस्या को लगातार प्रमुखता से उठाया। इसके बाद जिला प्रशासन ने नया रीबोर कराने के निर्देश दिए हैं। यूपी जल निगम ने 43 लाख 86 हजार का स्टीमेट बनाकर नगर पंचायत को दिया है। अधिशासी अधिकारी ने टेंडर के लिए फाइल डीएम को भेजी है। फिलहाल 10 स्थानों पर हैंडपंपों में अस्थायी रूप से सबमर्सिबल डाल कर पानी मुहैया कराया जाने लगा है।
नगर पंचायत बाबरपुर-अजीतमल के मोहल्ला आंबेडकर नगर में बने ट्यूबवेल की मोटर 26 मई की शाम अचानक खराब हो गई थी। इससे आर्य नगर, राजीव नगर, आंबेडकर नगर, आजाद नगर, गांधी नगर मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई थी। 18 हजार की आबादी तक जब कई दिनों तक पानी नहीं पहुंचा तो लोगों ने आक्रोशित होकर हंगामा किया था। इस पर नगर पंचायत प्रशासन ने फिरोजपुर कोटला नलकूप से जुड़े वाल्व खुलवाकर आपूर्ति करने की कोशिश की, लेकिन इससे भी कुछ घरों तक ही पानी पहुंचा।
इधर ग्वालियर, भिंड, इटावा से आए मिस्त्री भी मोटर ठीक नहीं कर सके। ग्वालियर से आए मिस्त्री पप्पू चौहान ने पाइप लाइन में मिट्टी होने तथा रिबोर फेल होने की आशंका जताकर अधिकारियों को जानकारी दी थी। इसके बाद भी नगर पंचायत के अधिकारी नहीं चेते। स्थानीय लोगों की पेयजल समस्या को लेकर लगातार अमर उजाला ने समस्या उठाई।
इसे संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव ने नगर पंचायत व जल निगम के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए शीघ्र समस्या दूर करने के निर्देश दिए। गुरुवार शाम यूपी जल निगम नगरीय कार्यालय इटावा से अधिशासी अभियंता आरके यादव टीम के साथ अजीतमल पहुंचे। अधिकारियों ने जांच के बाद पाया कि अब दोबारा से रीबोर कराना पड़ेगा।
इसके साथ ही टीम ने 43 लाख 86 हजार का स्टीमेट तैयार कर नगर पंचायत प्रशासन को दिया है। अधिकारियों ने जल्द ही टेंडर कराकर रीबोर कराने की बात कही है। वहीं जिन वार्डों की गलियों में पानी के टैंकर नहीं पहुंच पा रहे थे। वहां के 10 हैंडपंपों को चिह्नित कर उनमें अस्थायी सबमर्सिबल डलवाई गई है। इससे अब लोगों को कुछ राहत पहुंची और लोगों के घरों तक पानी पहुंच रहा है।
अधिशासी अधिकारी विजय कुमार ने कहा कि नलकूप रीबोर कराने के लिए जल निगम की टीम ने निरीक्षण कर स्टीमेट दिया है। टेंडर के अनुमोदन के लिए फाइल जिलाधिकारी के पास भेजी गई है। अनुमति मिलते ही टेंडर कराया जाएगा। जल्द ही रीबोर कराकर समस्या दूर की जाएगी। अभी कुछ हैंडपंपों में मोटर डलवाकर आपूर्ति की जा रही है।
30 मई के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद- फोटो : AURAIYA
आठ जून के अंक में प्रकाशित खबर।- फोटो : AURAIYA