औरैया। 14 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पीड़ित पक्ष के पक्ष द्रोही के बाद भी विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनराज सिंह ने लीगल मेडिकल व विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त संजू उर्फ संजीव निवासी सुरांयदा कोतवाली अजीतमल को दोषी माना। अदालत ने उसको आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले की अभियोजना की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा, विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्र ने बताया कि घटना 15 दिसंबर 2019 की है। 14 वर्षीय किशोरी खेतों पर लकड़ी लेने गई थी। पास के गांव सुरांयदा निवासी संजीव उर्फ संजू ने अकेला पाकर पिटाई कर दुष्कर्म किया। जान बचाकर वह घर आई और आप बीती बताई।
कोतवाली अजीतमल पुलिस ने मारपीट, धमकी व दुष्कर्म के साथ पॉक्सो एक्ट में चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की थी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह मामला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट एडीजे मनराज सिंह की कोर्ट में पेश किया गया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह तोमर व मृद़ल मिश्रा ने कठोर सजा देने की बहस की।
हालांकि वादी पक्षकार पीड़ित व उसके मां-बाप का आरोपी पक्ष से समझौता हो जाने के कारण उसे बचाने के लिए संजू के पक्ष में गवाही दी, लेकिन कोर्ट ने पीड़िता की मेडिकल व विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट को आधार मानकर सजा सुनाई। इसमें पीड़िता के साथ अभियुक्त द्वारा दुष्कर्म करने की पुष्टि हुई।
बचाव पक्ष ने आरोपी को 20 वर्षीय अविवाहित व आईटीआई का छात्र बताते हुए रहम की मांग की। वकील ने आरोपी के वृद्ध माता-पिता और छोटे भाई का हवाला भी दिया, लेकिन विशेष न्यायाधीश मनराज सिंह ने आरोपी युवक संजू उर्फ संजीव को आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
वरिष्ठ अधिवक्ता महावीर शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने जमा कराई गई अर्थदंड की धनराशि में से 50 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को चिकित्सीय व्ययों एवं पुनर्वास की पूर्ति के लिए देने का भी आदेश दिया।