संवाद न्यूज एजेंसी
दिबियापुर। उच्च न्यायालय में जनहित याचिका में हुए आदेश के क्रम में लगभग पांच वर्ष बाद एक बार फिर से सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी एवं सिंचाईं विभाग की ओर से बुधवार से कब्जा धारकों को नोटिस दिए जाएंगे।
पुलिस बल की मौजूदगी में कब्जा धारकों को नोटिस बांटे जाएंगे। पीडब्ल्यूडी विभाग में मंगलवार देर शाम तक नोटिस तैयार करने की प्रक्रिया चलती रही। उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका के आदेश के क्रम में वर्ष 2019 में दिबियापुर में पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क किनारे अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था।
इस अभियान में ककराही पुलिया से लेकर फफूंद चौराहे तक जेसीबी के माध्यम से अतिक्रमण हटाया गया था जबकि भगवतीगंज से लेकर दिबियापुर कस्बे की सीमा तक लोगों ने चिन्हित मकानों व दुकानों को तोड़ लिया था। लगभग पांच वर्ष पहले चले अभियान में हुई तोड़फोड़ से अभी तक दिबियापुर के लोग उबर नहीं पाए थे कि एक बार फिर से अभियान चलने की शंकाओं से दिबियापुर वासियों में खलबली मची हुई है।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार अब एक बार फिर से जनहित याचिका के आदेश के क्रम में सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के आदेश आए हैं। इस संबंध में शुक्रवार व शनिवार को दिबियापुर में सड़क के बीच से दोनों ओर 60 फुट तक बने मकानों व दुकानों की नापजोख कर सर्वे किया गया।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार यूपी रोड साइड लैंड कंट्रोल एक्ट 1945 के तहत सड़क किनारे निर्धारित दूरी तक बिना एनओसी लिए मकान एवं दुकान बनाए लोगों को नोटिस दिए जाएंगे। उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका में आए आदेश के बाद पीडब्ल्यूडी के साथ सिंचाई विभाग भी सक्रिय हो गया है। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता अभिषेक यादव ने बताया कि बुधवार से पुलिस बल की मौजूदगी में सिंचाई विभाग एवं पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से लोगों को नोटिस दिए जाएंगे।
पीडब्ल्यूडी के नोटिस तैयार हो गए हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता पीएस पटेल ने बताया कि नहर पर बनने वाले नए पुल के एलाइनमेंट के बीच में आने वाले 80 मकानों दुकानों के स्वामियों को बुधवार से नोटिस दिए जाएंगे ताकि नहर पुल का निर्माण हो सके।