अयाना (औरैया)। अयाना थाना क्षेत्र के एक गांव में प्रेमी संग रह रही गर्भवती किशोरी की शनिवार रात को मौत हो गई। प्रेमी व उसके परिजन गांव में किशोरी का अंतिम संस्कार कर रहे थे।
इसी दौरान किशोरी के घर वालों ने गर्भपात करवाने से बेटी की मौत होने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने चिता से शव उठवाया कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पुलिस ने बताया कि अजीतमल कोतवाली के एक गांव निवासी ग्रामीण की 17 वर्षीय बेटी अयाना थाना के गांव एक गांव निवासी युवक के साथ रह रही थी। शनिवार रात को सैफई अस्पताल में किशोरी की मौत हो गई। युवक के परिजन शव को गांव ले आए। रविवार की सुबह वह लोग किशोरी के परिजनों को सूचना दिए बिना गांव के बाहर यमुना नदी के किनारे शव का अंतिम संस्कार करने लगे।
गांव वालों की सूचना पर किशोरी की दृष्टिबाधित मां, पिता व अन्य परिजनों ने डायल 112 पर फोन कर दिया। उन्होंने नाबालिग बेटी का गर्भपात करवाने के दौरान मौत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसी बीच युवक के परिजनों ने किशोरी की चिता में आग लगा दी।
उधर, प्रभारी थानाध्यक्ष हरिकेश सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने चिता की आग बुझवा कर शव को बाहर निकलवा लिया। तब तक आग से शव करीब 10 फीसदी झुलस गया था।
नायब तहसीलदार प्रतिभा पाल, सीओ अजीतमल महेंद्र प्रताप सिंह ने घटना स्थल पर छानबीन कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। परिजनों के अनुसार किशोरी 20 अक्तूबर 2024 को ननिहाल से प्रेमी के साथ चली गई थी।
सीओ एमपी सिंह ने बताया कि किशोरी करीब एक साल से प्रेमी के साथ रह रही थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हुई है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो सकेगा। परिजनों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है।
रिश्तेदारी होने से बढ़ गईं थीं किशोरी और युवक की नजदीकियां
अयाना (औरैया)। अजीतमल कोतवाली के एक गांव निवासी निवासी किशोरी व अयाना के एक गांव आरोपी युवक अमित में पारिवारिक रिश्तेदारी से नजदीकियां बढ़ गई थीं।
किशोरी के प्रेमी के साथ जाने पर एक बार पुलिस ने उन्हें ढूंढकर परिजनों को सौंप दिया था। इसके बाद भी उनमें दूरियां कम नहीं हुईं। कुछ समय बाद किशोरी अपने ननिहाल से दोबारा प्रेमी अमित के साथ चली गई थी।
किशोरी की मौत के बाद उसकी मां, पिता व चाचा युवक के गांव पहुंच गए। मां ने बताया कि वह और उनके पति दृष्टिबाधित हैं। अमित और उनके परिवार में रिश्तेदारी होने से उसका घर पर आना-जाना था।
आरोप है कि 30 जून 2024 को अमित बेटी को बहला कर अपने साथ ले गया था। इसपर उन्होंने अमित व उसके एक दोस्त के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में पुलिस ने बेटी को ढूंढ कर उन्हें सौंप दिया था। इसके बाद भी अमित लगातार बेटी के संपर्क में बना रहा। वह कभी किसी के हाथ से मोबाइल या रुपये और कभी नए सिम कार्ड भेजता था।
माता-पिता ने बताया कि उन्हें दिखाई न देने की वजह से वह बेटी की निगरानी भी नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में उन्होंने 10 अक्तूबर 2024 को बेटी को कानपुर देहात के एक गांव में ननिहाल भेज दिया था। वहां से 20 अक्तूबर को अमित दोबारा बेटी को बहला कर ले गया।
उन्होंने पुलिस से इसकी शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गर्भवती बेटी के साथ उसके प्रेमी अमित ने मारपीट की। हालत बिगड़ने पर उसका गर्भपात करवा दिया। इससे उसकी जान चली गई।
प्रेमी व उसके परिजन गुपचुप तरीके से बेटी का अंतिम संस्कार कर भाग रहे थे। समय पर पुलिस के पहुंच जाने से शव पूरी तरह जलने से बच गया। प्रभारी थानाध्यक्ष हरिकेश सिंह ने बताया कि किशोरी ने कोर्ट में युवक के साथ न जाकर रिश्तेदारी में जाने के बयान दिए थे। इसपर आरोपियों को छोड़ दिया गया था।