बिधूना (औरैया)। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जवाहरनगर में हुए प्रबंधक व पत्नी की हत्या के मामले में दूसरे दिन गुरुवार को आईजी कानपुर प्रशांत कुमार घटना स्थल पर पहुंचे। छानबीन कर कालेज के शिक्षक व लिपिक से करीब एक घंटे तक पूछताछ की। साथ ही पुलिस अधिकारियों को जल्द घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए।
आईजी प्रशांत कुमार गुरुवार को बिधूना पहुंचकर प्रबंधक गंधर्व सिंह व उनकी पत्नी कमला देवी की हत्या के मामले में घटना स्थल की जांच पड़ताल की। आईजी ने लिपिक कुलदीप से घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की। इसके अलावा शिक्षक जितेंद्र कुमार से भी कुछ सवाल किए।
मौके पर मौजूद मृतक के नाती जम्मू में चिकित्सा विभाग में तैनात मेजर अमन से भी परिवार के संबंध में जानकारी ली। आईजी ने बताया कि घटना के खुलासे को लेकर पुलिस की तीन टीमें लगातार काम कर रहीं हैं। उधर मौके पर मौजूद मृतक के बड़े पुत्र चंद्रकांत ने बिना परिजनों की उपस्थिति के माता-पिता के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने पर नाराजगी जताई। हालांकि पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत किया।
उधर, शाम को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रबंधक व उनकी पत्नी की मौत गला घोटने से होना पाया गया है। एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि पीड़ित पुत्र की तहरीर पर धारा 460 में मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसमें चोरी के दौरान किसी की हत्या करने का अपराध शामिल होता है। घटना को लेकर कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
हालांकि अभी तक पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। उधर, प्रबंधक गंधर्व सिंह व उनकी पत्नी कमला देवी की हत्या की भनक पास में ही रह रहे परिवार के लोगों तक नहीं लगी। इसको लेकर भी तरह तरह की चर्चाएं होती रही।
बुधवार की सुबह दंपती की हत्या के कुछ देर बाद बीआरसी परिसर में सिक्योरिटी गार्ड का शव मिलने से हड़कंप मच गया था। गुरुवार को तीनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट एक जैसे ही आई है। इसके बाद पुलिस दोनों घटनाओं की कड़ी एक ही बिंदु से जोड़ कर देख रही है।
विमल की हत्या के मामले में बिधूना कोतवाली पुलिस ने कई और नशेड़ियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि कहीं न कहीं नशेडिय़ों ने हीे विमल की हत्या तो नहीं की है।