फोटो-16-सम्मानित किए गए मंचासीन कवि व शायर।संवाद
- फोटो : फिर चलेगी राहत की ट्रेन।
फफूंद। कस्बे में चल रही कृषि प्रदर्शनी महोत्सव में बृहस्पतिवार रात स्थानीय कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन हुआ। हजरत पीर बुखारी शाह साहब व महाराज सहजानंद की याद में आयोजित इस कार्यक्रम में कस्बे के कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रामनरेश यादव व नगर पंचायत अध्यक्ष अनवर कुरैशी ने किया। इसके बाद कवि आनंद त्रिपाठी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत करके सम्मेलन की शुरुआत की। इसमें शायर रईसुद्दीन बशर ने कितने हैं वफादार यह बताने में लगे हैं, वो लोग जो कद मेरा घटाने में लगे हैं... जमकर सराही गई।
कवि अफजल खान अफजल ने बुरा करके किसी का पाएगा क्या, वही काटेगा जो तू बो रहा है, सुनाकर तालियां बटोरीं। शायर शमी खान असर मिफ्ताही ने अपनी गजल से खूब वाहवाही लूटी। कवि बेचेलाल विद्रोही ने महंगाई, पेट्रोल डीज़ल और एलपीजी पर अपनी कविता से प्रहार करते हुए श्रोताओं को तालियों के लिए मजबूर कर दिया।
कवि रामजी मिश्रा व सलीम खान धाकड़ ने हास्य-व्यंग्य से श्रोताओं को गुदगुदाया। वरिष्ठ कवि डॉ. अजित दुबे ने सृजन के गीत गाना चाहता हूं, रचना सुनाई। कार्यक्रम में कवि अमरनाथ दीक्षित,आसिफ अंसारी, इकराम खान इकराम और गुलजार अहमद गुल ने भी काव्य पाठ किया। संचालन अतीक अहमद कमर ने और अध्यक्षता डॉ. अजित दुबे ने की।