बिधूना। कस्बे में बंदरों का उत्पात स्थानीय लोगों पर भारी पड़ रहा है। छतों पर कपड़े सुखाना मुश्किल है। बंदर लोगों को दौड़ा रहे हैं।
हर रोज बंदरों की चपेट में आकर लोग घायल हो रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिजन परेशान हैं। बंदरों के हमले से घायल लोग इंजेक्शन लगवाने सीएचसी पहुंच रहे हैं।
कस्बे में बंदरों की भरमार से लोग परेशान हैं। बाजार से सामान घर ले जाना भी मुश्किल हो गया है। हाथ में थैली देखते ही बंदर झपट्टा मारकर छीन लेते हैं। हलवाई व फलों की दुकान के आसपास बंदरों के झुंड घूमते रहते हैं। मिठाई या फल लेकर जाते ही बंदर हमला कर देते हैं। अब तो सब्जी भी लेकर जाना खतरे से खाली नहीं है।
सोमवार की दोपहर बेला रोड व नवीन बस्ती गली में अचानक बंदरों के झुंड सड़क पर आ गए। बंदरों में लड़ाई हुई तो करीब दो घंटे तक लोग घरों में कैद रहे। साथ ही नवीन बस्ती गली में आवागमन बंद रहा।
गौरव पाठक, रामपाल सिंह चौहान, डॉ. एसपी सिंह, अवनीश भदौरिया, विपिन यादव आदि का कहना है कि बंदरों के साथ छोटे बच्चे होने पर वह अधिक हमलावर हो जाते हैं। हर रोज बंदरों के हमले से घायल पांच से दस लोग इंजेक्शन लगवाने सीएचसी पहुंच रहे है। सोमवार को भी बंदरों के हमले से घायल पांच लोग इंजेक्शन लगवाने पहुंचे।
सीएचसी अधीक्षक डॉ वीपी शाक्य ने बताया कि अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। मरीजों को वैक्सीन लगाई जा रही है। वहीं, नगर पंचायत अध्यक्ष आदर्श मिश्रा ने बताया कि जल्द ही वन विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर बंदर पकड़वाने का अभियान चलाया जाएगा।