औैरैया। एक नवंबर से शुरू हुई धान की खरीद अब तक 77 फीसदी ही हो सकी है। लक्ष्य पूरा करने के लिए सरकार ने चार मार्च तक का समय जरूर बढ़ा दिया है, लेकिन आवक न होने से विभाग के लिए लक्ष्य पूरा करना
बड़ी चुनौती है। वहीं किसानों का भुगतान भी लंबित पड़ा हुआ है।
जिले में धान खरीद का 60 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य दिया गया था। कुल 44 केंद्र खोले गए। 27 फरवरी तक
8413 किसानों से 46 हजार एमटी धान की खरीद हो सकी। इधर लक्ष्य पूरा न होने पर सरकार ने चार मार्च तक समय बढ़ा दिया है। खाद्य विपणन अधिकारी सुधांशु चौबे ने बताया कि अब तक 7509 किसानों को 8094.61
लाख का भुगतान किया जा चुका है साथ ही खरीदा गया मिलों में भेजा जा चुका है।
भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में 18290.58 मीट्रिक टन चावल जमा करा दिया गया है। केंद्रों पर धान की
आवक न होने के कारण 32 क्रय केंद्र बंद किए गए हैं। अब जिले में केवल खाद्य विभाग के 12 केंद्र ही संचालित हैं। इन्हीं केंद्रों में धान खरीद की जाएगी। अभी तक करीब 77 फीसदी धान की खरीद हो चुकी है। चार मार्च तक लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं।