औरैया। इटावा से कटकर वजूद में आए औरैया जिले को बृहस्पतिवार को 29 साल पूरे हो गए। जिले ने इन 29 सालों में विकास की कई इबारतें लिखीं हैं। खास तौर पर स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलने के बाद रफ्तार मिली है। अब जिला केवल दवाओं तक ही सीमित नहीं है। गंभीर ऑपरेशन भी जिले में होने लगे हैं। ऐसे में रेफर होने वाले मरीजों का ग्राफ गिरा है।
विकास की राह पर जिले में साल-दर-साल कई उपलब्धियां सामने आईं। इसमें कसक के तौर पर प्लास्टिक सिटी का सपना पिछले तीन सालों में कुछ हद तक साकार होता नजर आया है। जब यहां पर 15 से ज्यादा कंपनियों ने अपने प्रतिष्ठान तैयार करने शुरू किए। जिले के वजूद में आने से पहले भले ही गेल पाता व एनटीपीसी मिल गए हों, लेकिन विकास की रफ्तार जिले ने अब पकड़ी है।
कभी एक बस स्टॉप तक सीमित रहा औरैया का रोडवेज डिपो अब स्वयं के साथ दिबियापुर, अजीतमल व बिधूना के बस स्टैंड तक फैल गया है। वहीं जानकारों की मानें तो स्वास्थ्य के मामले में जिले ने सबसे ज्यादा रफ्तार मेडिकल कॉलेज की सौगात से पकड़ी है।
मरीजों के बड़े ऑपरेशन के मामले में भी प्रगति हुई है। ओटी में प्रसव के अलावा ईएनटी के ऑपरेशन होने लगे हैं। वहीं, हड्डी प्रत्यारोपण जैसे आर्थो के ऑपरेशन अपने आप में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की नजीर दे रहे हैं।
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117 तरह की जांचें मेडिकल कॉलेज में निशुल्क मिल रही हैं। इसके अलावा रोजाना 20 से ज्यादा ऑपरेशन रोजाना ओटी में हो रहे हैं। 20 बेड की इमरजेंसी में आपात सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
-डॉ. पवन शर्मा, सीएमएस मेडिकल कॉलेज
जिले के विकास को लेकर हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। किसी तरह की दिक्कत आने पर प्रशासन दिलचस्पी के साथ उनका निस्तारण कराता है। शासन से भी मदद ली जाती है।
-बृजेश कुमार, जिलाधिकारी औरैया
डॉ. पवन शर्मा
डॉ. पवन शर्मा
डॉ. पवन शर्मा
डॉ. पवन शर्मा
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