औरैया। आठ सालों से बंद पड़े ब्लड बैंक के अक्तूबर माह में संचालित होने की उम्मीद थी। रिक्त पड़े पैथालाजिस्ट के पद तैनाती भी गई थी। लाइसेंस नवीनीकरण के लिए महानिदेशक स्वास्थ्य से लेकर राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन तक पत्राचार कर स्वास्थ्य विभाग ने लैब टेक्नीशियन की मांग की थी। मगर इसी बीच शासन से लैब टेक्नीशियन न मिलने से एक बार फिर से संचालन की उम्मीद लटक गई है।
50 शय्या जिला संयुक्त चिकित्सालय में वर्ष 2013 में ब्लड बैंक का संचालन हुआ था। उस समय पैथालाजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार तैनात थे। पांच जून 2013 को डॉ. सुधीर कुमार का स्थानांतरण होने के बाद से ही ब्लड बैंक में ताला पड़ा है। तब से लेकर आज तक ब्लड बैंक शुरू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि ब्लड बैंक के संचालन के लिए स्वास्थ्य निदेशालय से लेकर राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन तक सभी प्रक्रिया पूरी कर जानकारी दी जा चुकी है। पैथालाजिस्ट की नियुक्ति भी कर दी गई है। सिर्फ लैब टेक्नीशियन की तैनाती रह गई है। इसके लिए भी कई बार मांग की गई है।
एक वर्ष ब्लड बैंक में काम करने वाले लैब टेक्नीशियन की तलाश है। शासन से अभी तक तैनाती नहीं की गई है। जिससे ब्लड बैंक संचालन रुका है। इस कारण गंभीर मरीजों व घायलों को परेशानी होती है। सबसे ज्यादा परेशानी आपरेशन वाले मरीजों को होती है।