कन्नौज। थाना सौरिख के किशनपुर निवासी महिला को क्रेडिट कार्ड डाक से प्राप्त होने के 10 मिनट बाद फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि क्रेडिट कार्ड चालू करने के लिए ओटीपी भेजा जा रहा है वह बता दें। ओटीपी बताते ही महिला के केसीसी से एक लाख और बैंक खाते से 12 हजार रुपये निकल गए। थाने से कार्रवाई न होने से महिला ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना सौरिख के किशनपुर गांव निवासी ममता देवी ने बताया कि खड़िनी स्थित एचडीएफसी बैंक शाखा से केसीसी बनवाया था। 27 मार्च 2025 को डाक से केसीसी खुले लिफाफे में मिला। करीब 10 मिनट बाद फोन आया उसने कहा कि एचडीएफसी बैंक से बोल रहा हूं। एक ओटीपी नंबर आएगा उसे बता देना तो तुम्हारा क्रेडिट कार्ड कन्फर्म हो जाएगा।
महिला ने मोबाइल पर आया ओटीपी नंबर बता दिया। आरोप है कि इसके बाद 29 मार्च से 11 अप्रैल 2025 तक उसके केसीसी से एक लाख व बैंक खाता से 12 हजार रुपये निकाल लिए गए। जब महिला ने बैंक जाकर इस संबंध में जानकारी ली तो मैनेजर से डांट कर भगा दिया और कहा कि दोबारा जानकारी लेने मत आना।
आरोप है कि बैंक मैनेजर केसीसी की राशि जमा करने का दबाव बना रहे हैं। महिला ने बताया कि पुलिस अधीक्षक व साइबर क्राइम सेल को कई प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। मजबूर होकर न्यायालय की शरण ली। साइबर थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बताया गया कि महिला के साथ ठगी गुरुग्राम से की गई है। पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से पड़ताल कर रही है। साइबर थाना प्रभारी विश्वनाथ मिश्रा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।