औरैया। नहर चौड़ीकरण के लिए तोड़े गए कब्जों के कब्जेदार दंपति लगातार चौथे दिन आमरण अनशन पर बैठे रहे। चौथे दिन शुक्रवार को एक अनशनकारी की हालत बिगड़ गई। हालत बिगडने की जानकारी मिलने पर सीएचसी अधीक्षक डा.जितेंद्र के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच की।
दो मार्च को निचली गंगा नहर चौड़ीकरण के लिए सिंचाईं विभाग ने 6 कब्जे ढहा दिए थे। कब्जा धारक हरिश्चंद्र एवं सत्यनारायण के पास रहने की कोई जगह न होने के कारण वह लोग परेशान हो उठे। हरिश्चंद्र अपनी पत्नी राजकुमारी के साथ 3 मार्च को आमरण अनशन पर बैठ गए। उनके साथ अन्य कई लोग भी अनशन स्थल पर बैठ गए। लगातार चार दिनों तक आमरण अनशन करने के बावजूद कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
अनशनकारी का साथ दे रहे समाजसेवी एन सिंह सेंगर ने बताया कि 5 मार्च की शाम को हरिश्चंद्र की हालत बिगडनी शुरू हो गई थी। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। इसके बावजूद भी कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
शुक्रवार की दोपहर में जानकारी होने पर दिबियापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डा. जितेंद्र सिंह यादव, फार्मासिस्ट अनिल कुमार एवं स्वास्थ्य टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्वास्थ्य टीम के अनुसार जांच में हरिश्चंद्र, उनकी पत्नी राजकुमारी एवं उनके साथ बैठे समाजसेवी एन सिंह सेंगर, सत्यनारायण एवं रमाकांती का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ मिला। सभी को दवाइयां दे दीं गईं हैं। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर आने से पहले सभी ने एक सुर से दवाइयां खाने से इंकार कर दिया।