सेवादार को दिशा निर्देश देते गोशाला में पहुंचे अधिकारी
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औरैया। जैतापुर गोशाला में अधिकारियों के पहुंचने से पहले सेवादारों और एनजीओ संचालक ने परिसर में पड़े मृत गोवंशों को हट दिया। निरीक्षण के लिए पहुंचे सीडीओ को एक भी गोवंश मृत नहीं मिला। गंदगी और अव्यवस्था देखकर सीडीओ ने नाराजगी जताई। सेवादार को चेतावनी दी। प्रधान को भी समय-समय पर गोशाला का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत जैतापुर के मजरा मिर्जापुर में गोशाला गोवंश मर रहे हैं। शवों को कुत्ते नोचकर खा रहे थे। इस पर खबर प्रकाशित होने पर अधिकारियों की नींद टूटी। मंगलवार सुबह से लेकर दोपहर तीन बजे तक एक के बाद एक कई अधिकारी गोशाला का निरीक्षण करने पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचने से पहले सेवादारों और गोशाला के एनजीओ संचालक ने मृत गोवंशों को हटा दिया। सुबह सबसे पहले मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी के साथ गोशाला पहुंचे। जहां उन्हें मृत गोवंश तो नहीं मिले, लेकिन गोशाला परिसर में जगह-जगह गंदगी और अव्यवस्था मिली।
जिस पर सीडीओ ने सेवादार और एनजीओ संचालक को चेतावनी देते हुए सुधार के निर्देश दिए। वहीं मौके पर पहुंचे प्रधान अभिषेक यादव को भी निर्देशित किया कि वह समय-समय पर गोशाला का निरीक्षण करते रहें। गोशाला के संचालन में उनकी भी जिम्मेदारी है। यदि कोई गोवंश मरता है तो प्रधान भी जिम्मेदार होगा। सीडीओ ने बताया कि गोशाला में पर्याप्त मात्रा में भूसा है। एक भी पशु बीमार नहीं मिला है। वहीं दोपहर बाद नायब तहसीलदार ने भी गोशाला का निरीक्षण किया।
गोवंशों की कराई गिनती
गोशाला के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वहां मौजूद गोवंशों की गिनती कराई। जिसमें उन्हें 327 गोवंश मिले हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गोशाला में मौजूद गोवंशों की संख्या 450 थी। सेवादार और एनजीओ संचालक द्वारा अधिकारियों को गुमराह किया जा रहा है।