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हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने पहुंची सिविल जज, क़ुर्क की जमीन

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नुमाइश मैदान में जमीन कुर्क करने का बोर्ड लगाते कर्मी। संवाद - फोटो : AURAIYA
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औरैया। शहर के पुराना नुमाइश मैदान पर स्टे के बाद भी कराए जा रहे निर्माण कार्य पर हाईकोर्ट ने रोक लगाने के साथ ही निरीक्षण कर रिपोर्ट मांगी थी। शनिवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन और जिलाधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे। डीएम ने वादी पक्ष के अधिवक्ता से कागजात मांगे। इस पर अधिवक्ता ने कोर्ट का हवाला देते हुए विरोध भी किया। देर रात विवादित जमीन को कोर्ट ने कब्जे में लेकर कुर्क कर दिया।
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पुराना नुमाइश मैदान के मामले में सत्यवती की ओर से हाईकोर्ट से मार्च 2019 में स्टे लिया गया था। इसके बाद भी जिला प्रशासन की ओर से नुमाइश मैदान के चारों तरफ बाउंड्रीवाल का काम शुरू कर दिया गया। वादी ने फिर हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने 19 अगस्त 2021 को सिविल जज सीनियर डिवीजन औरैया को विवादित जगह पर यथास्थिति बनाए रखने और अग्रिम आदेश तक किसी भी प्रकार का निर्माण न होने देने के लिए अपना प्रतिनिधि नियुक्त कर दिया।
सिविल जज को मौके पर जाकर जांच कर उसकी रिपोर्ट तैयार कर सौंपने के निर्देश दिए। सिविल जज सीनियर डिवीजन शिवानी त्यागी शनिवार को डीएम सुनील कुमार वर्मा के साथ मौके पर पहुंचीं। वादी के अधिवक्ताओं की ओर से पूरे मामले की जानकारी दी गई। तभी जिलाधिकारी ने अधिवक्ता से दस्तावेजों की मांग कर दी। जिस पर अधिवक्ता ने कहा कि दस्तावेज तो न्यायालय में दाखिल हैं। दूसरे अधिवक्ता दस्तावेज की फाइल लेकर मौके पर पहुंचे। देर शाम कोर्ट ने पुराने नुमाइश मैदान की विवादित जमीन कुर्क कर कब्जे में ले ली। वहां बोर्ड भी लगा दिया गया है।
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जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए टीम गई थी। कोर्ट के आदेशों का पालन किया गया है।
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