औरैया। राशन की दुकानों को बनाने का अब तीसरा फेज शुरू होने जा रहा है। पहले दो फेज में मॉडल शॉप को बनाने के लिए मनरेगा का प्रयास पूरा नहीं हो सका है।
बजट के अभाव में मनरेगा ने तीसरे फेज की मॉडल शॉप बनाने के लिए हाथ खड़े कर दिए है। अब इसकी जिम्मेदारी स्वयं खाद्य एवं रसद विभाग ने संभाली है।
शासन स्तर से तीसरे फेज में 43 दुकानों के बनाने के लिए 1.80 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया है। साल 2024 में जिले की 75 कोटे की दुकानों को बनाने की हरी झंडी मिली थी। राजस्व विभाग की ओर से मॉडल शॉप के लिए जमीन आवंटित करते हुए मनरेगा को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
69 मॉडल शॉप की जगह अभी तक महज 50 दुकानों का काम ही पूरा हो सका है, जिन्हें विभाग के हैंडओवर कर दिया गया है। वहीं 19 दुकानों का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है।
मनरेगा के अधिकारी इसके पीछे बजट न होने का हवाला दे रहे हैं। वहीं जिम्मेदारों का कहना है कि बन चुकी दुकानों का पैसा भी नहीं आया है। ऐसे में ठेकेदार अधूरी पड़ी दुकानों को बनाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। अब इस समस्या को देखते हुए खाद्य एवं रसद विभाग ने स्वयं मॉडल शॉप निर्माण की जिम्मेदारी संभाली है।
शासन स्तर से मांग गए प्रस्ताव के बाद कार्यदायी संस्था के तौर पर आरईडी का चयन किया गया है। राजस्व विभाग की ओर से तीसरे फेज में मॉडल शॉप बनाने के लिए 43 दुकानों के लिए जगह का आवंटन कर दिया है। वहीं शासन स्तर से इन दुकानों के निर्माण के लिए आधा बजट 1.80 करोड़ रुपये जारी भी कर दिया गया है। मार्च माह तक इन दुकानों का निर्माण पूरा करने की गाइडलाइन निर्धारित की गई है।
राशन कोटे की दुकानों को स्थायी बनाने के लिए ग्राम पंचायतों में 484 वर्ग फीट जमीन राजस्व विभाग की ओर से खाद्य एवं रसद विभाग को हैंडओवर की गई है। वहीं जारी हुए बजट के तहत 8.65 लाख रुपये से प्रत्येक दुकान का निर्माण किया जाएगा। इन मॉडल शॉप को अन्नपूर्णा भवन नाम दिया जाएगा।
मनरेगा में बजट का अभाव है। ऐसे में कुछ दुकानों का निर्माण नहीं हो सका है। अब शासन स्तर से विभाग को ही बजट दे दिया गया है। ऐसे में कार्यदायी संस्था आरईडी के जरिये 43 दुकानों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए आधा बजट भी जारी कर दिया गया है।
-राजेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
बन चुकी 50 मॉडल शॉप के लिए अभी तक बजट नहीं आया है। ऐसे में शेष दुकानों का निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा है। बजट आने पर ही दुकानों को बनाया जा सकेगा।-रामदुलार, डीसी मनरेगा