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अब जिला स्तरीय राजस्व अधिकारी करेंगे घोटाले की जांच

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औरैया। समाज कल्याण विभाग के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचारण मद में लाखों के हेरफेर के मामले की जांच अब जिलास्तरीय राजस्व विभाग के अधिकारी करेंगे। इसके लिए निदेशक समाज कल्याण ने डीएम को पत्र भेजा है। निर्देश दिए कि मामले में दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
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वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए शासन से तीन करोड़ रुपये अनुसूचित जाति अत्याचारण मद में आवंटित हुआ था। इसमें हेराफेरी का आरोप लगा जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी। आरोप है कि पटल सहायक ने कई पीड़ितों के खाते बदलकर लगभग 25 लाख रुपये की हेराफेरी की है। मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार व कोषाधिकारी से अभिलेखों की जांच के निर्देश दिए गए।
आवेदन करने वाले लाभार्थियों की सूची के अलावा आवंटित बजट, कोषागार को भेजे गए नामों का मिलान कराया गया। जांच में पता चला कि कर्मचारियों ने सांठगांठ करके कई लाभार्थियों के खाते बदले और लाखों रुपये अपने और चहेतों के बैंक खातों में भेज दिए। जिला समाज कल्याण अधिकारी आशुतोष कुमार ने एक रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव को भेजी।
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बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में 377 लाभार्थियों को योजना का लाभ तीन किस्तों में दिया जाना था। इसमें से करीब 17 खातों में पटल सहायक, लेखाकार व कार्यालय सहायक सहित कंप्यूटर आपरेटर ने हेराफेरी की। जांच में इसकी अधिकारियों ने पुष्टि की। इनके विरुद्ध कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही।
इधर, कुछ तत्कालीन अधिकारियों की संलिप्तता को देखते हुए निदेशक समाज कल्याण राकेश कुमार ने डीएम को पत्र भेजा है। जिसमें कहा है कि मामले की जांच राजस्व विभाग के अधिकारी से करा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाए।
समाज कल्याण विभाग में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचारण मद के घोटाले की जांच के मामले में शासन ने राजस्व विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। प्रस्ताव बनाकर डीएम को भेजा जाएगा। उनके अनुमोदन के बाद जिला स्तरीय अधिकारी का अनुमोदन होगा। - अनिल कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी।
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