स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत ब्लॉक अजीतमल की ग्राम पंचायत रहमापुर में करीब 50 शौचालयों की धनराशि अधिक निकाले जाने व 123 शौचालयों की पहली किस्त भेजने के बाद लाभार्थियों को शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित न करना प्रधान, तत्कालीन सचिव व वर्तमान सचिव को भारी पड़ गया। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने तीनों को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा है।
ग्राम पंचायत रहमापुर के ग्रामीणों ने लगभग 20 दिन पहले गांव में शौचालयों के निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता करने, अपात्रों को शौचालय आवंटित करने व निर्माणाधीन शौचालयों की गुणवत्ता खराब होने की शिकायत डीएम अभिषेक सिंह से की थी। डीएम ने तत्काल डीपीआरओ राजेश चौरसिया को प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।
डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत में स्थलीय निरीक्षण कर शौचालयों की जमीनी हकीकत परखी थी। प्रधान द्वारा उपलब्ध कराए गए अभिलेखों के हिसाब से 200 शौचालयों की धनराशि निकाले जाने की बात सामने आई थी। इसमें मौके पर 150 शौचालय बने पाए गए।
50 शौचालयों का हिसाब किताब न दे पाने पर प्रधान श्याम किशोर व तत्कालीन पंचायत सचिव राम कटोरी को नोटिस भेजकर एक सप्ताह में जवाब देने को कहा। वहीं छूटे लाभार्थियों के लिए आवंटित की गई शौचालयों की धनराशि में 123 लाभार्थियों को पहली किस्त प्रदान कर दी गई, लेकिन उनको प्रेरित न करने तथा अधिकांश शौचालयों के निर्माण शुरू न होने पर वर्तमान पंचायत सचिव सौरभ यादव को नोटिस देकर एक सप्ताह के अंदर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
शौचालय निर्माण में अधिक धनराशि निकाले जाने तथा 123 लाभार्थियों को पहली किस्त भेजने के बाद लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित न करने पर प्रधान, तत्कालीन पंचायत सचिव व वर्तमान सचिव को नोटिस देकर जवाब मांगा गया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है। - राजेश चौरसिया, डीपीआरओ