भीषण कोहरे के बाद सोमवार को धूप निकली तो जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसमें अधिकांश मरीज सर्दी से होने वाले रोगों कोल्ड डायरिया, एक्जिमा आदि के रहे। सोमवार को कुल 498 मरीजों के पर्चे बने।
डाक्टरों का कहना है कि इस मौसम में जरा सी लापरवाही इन बीमारियों को अधिक बड़ा करके मुसीबत पैदा कर सकतीं हैं। ऐसे में सावधानी बरतें। ज्यादा ठंड में बाहर निकलने से बचें और निकलना भी पड़े तो अच्छी तरह से गर्म कपड़े पहनकर ही निकलें।
पिछले एक सप्ताह से जिला संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों की संख्या में कमी दिखाई दे रही थी। इसका कारण मौसम का स्थिर रहना रहा। इधर, एक बार फिर कोहरे की चादर छाने और गलन भरी सर्दी होने से पिछले तीन दिनों से अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
सोमवार को पहले घना कोहरा और फिर निकली कड़ाके की धूप से जिला संयुक्त चिकित्सालय में अचानक मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिला अस्पताल पर्ची काउंटर पर 498 से अधिक मरीजों के पर्चे बनाए गए। सभी चिकित्सकों और इमरजेंसी कक्ष में मरीजों की भीड़ रही। सुबह 10 बजे के बाद से दोपहर दो बजे तक डाक्टरों के कक्षों में मरीजों की संख्या कम होती नहीं दिख रही थी।
डा.अमित पोरवाल, डी.जीपी चौधरी ने बताया कि मौसम परिवर्तन के साथ अस्पताल में मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी होना लाजिमी है। बताया कि इस बार सर्दी रुक-रुककर बढ़ रही है। मौसम में चंद दिनों में हो रहे बदलाव लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि गंभीर बीमारियों से बचने के लिए लोग जरा सी परेशानी होने पर अपने चिकित्सक से सलाह लें। बताया कि सोमवार को अस्पताल में मरीजों की संख्या खासी रही। इसमें सबसे अधिक मरीज कोल्ड डायरिया, स्केबीज और एक्जिमा जैसी बीमारियों के रहे। बताया कि यह बीमारियां अक्सर सर्दियों में होती है।
सर्दी के चलते लोग साफ-सफाई पर ध्यान नहीं देते, जिससे शरीर में खुजली पैदा होती है और समस्या बाद में अधिक बढ़ जाती है। बताया कि इसके साथ ही कोल्ड डायरिया के मरीज भी आए हैं। उन्होंने बताया कि 100 मरीजों में 60 मरीज स्केबीज और एक्जिमा जैसी बीमारियों के आए। अन्य कोल्ड डायरिया व अन्य बीमारियों से पीड़ित दिखे। इसके साथ ही अस्पताल में बीमार बच्चों की संख्या भी अधिक रही।