औरैया। शौचालय निर्माण मेें लापरवाही बरतने पर जिला पंचायत राज अधिकारी समेत चार ब्लाकों के खंड विकास अधिकारियों को डीएम ने नोटिस जारी किया है। तीन दिन के अंदर नोटिस का जवाब मांगा है। इधर प्रसूताओं से वसूली के मामले में अजीतमल सीएचसी की स्टाफ नर्स के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश सीएमओ को दिए।
जिलाधिकारी श्रीकांत मिश्रा द्वारा 17 अगस्त को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत शौचालय के प्रगति समीक्षा की गई। जिसमें ब्लॉक औरैया में 6754, ब्लॉक भाग्यनगर में 4162, ब्लॉक अजीतमल में 820 और विकास खंड अछल्दा में 1298 शौचालयों का निर्माण अवशेष हैं। धीमी प्रगति पर डीएम ने विकास खंड अधिकारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने और अवशेष शौचालयों का निर्माण पांच सिंतबर तक प्रत्येक दशा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। समय पर शौचालय का निर्माण न होने पर संबंधित खंड विकास अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इधर शौचालय निर्माण में डीएम ने डीपीआरओ को दोषी मानते हुए तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी श्रीकांत मिश्रा ने अजीतमल निवासी अनिरुद्ध सिंह की शिकायत पर मुख्य चिकित्साधिकारी से जांच कराई थी। जांच कर सीएमओ ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी। जिसमें अजीतमल सीएचसी पर तैनात स्टाफ नर्स संविदा विनीता कुमारी को प्रसूताओं से अवैध रूप से धनराशि वसूलने करने का दोषी पाया गया। सीएमओ ने जांच रिपोर्ट में यह भी बताया कि स्टाफ नर्स पहले भी कई प्रसूताओं से वसूली की और इसकी शिकायतें भी हुईं हैं। डीएम ने सीएमओ की चेतावनी को नर्स ने पर्याप्त नहीं माना और नर्स के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश सीएमओ को दिए।