फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Auraiya News: जान की फिक्र नहीं, शॉर्टकट बने हाईवे पर अवैध कट

विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर अधिकांश दुर्घटनाएं सड़क पार करने वाले लोगों के साथ होती हैं।
विज्ञापन

अक्सर उन स्थानों पर यह घटनाएं देखने को मिलती हैं, जहां अवैध कट पास पाए जाते हैं। आज भी इन अवैध कटों को पूरी तरह बंद करने को लेकर कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं और न ही लोग अपनी जान को लेकर चिंतित हैं। शनिवार को हाईवे पर जान जोखिम में डालकर लोग अवैध कटों से आवागमन करते दिखे। सूत्रों की मानें तो लगभग 30 किलोमीटर हाईवे में 45 से अधिक इस तरह से कट दिखाई दे रहे हैं।
जनपद में राष्ट्रीय राजमार्ग का लगभग 50 किलोमीटर का हिस्सा आता है। कानपुर से इटावा के बीच इस हाईवे किनारे कई गांव हैं। जहां अंडरब्रिज का निर्माण नहीं किया गया है। इस कारण अधिकांश स्थानों पर अवैध कटों का लोग सहारा लेकर जान जोखिम में डालकर राष्ट्रीय राजमार्ग पार करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

हालांकि, दुर्घटनाएं रोकने के लिए कई स्थानों पर सीमेंट के बड़े-बड़े पत्थर या बोल्डर रखे गए हैं, लेकिन उनके बीच में मौजूद जगह लोगों के आवागमन का जरिया बन चुकी है। इन अवैध कटों से आवागमन करने वाले लोग अक्सर दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। अक्सर हाईवे पर सफर करने वालों की मानें तो औरैया से इटावा की ओर 30 किलोमीटर में 45 से अधिक अवैध कट हैं। ऐसा नहीं है कि हाईवे प्रशासन और यातायात पुलिस की नजर में यह न हों, लेकिन कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को हर समय जान का खतरा रहता है, जिसमें युवा और बुजुर्ग ही शामिल नहीं हैं, बल्कि स्कूली बच्चे भी शामिल हैं।
जनेतपुर के पास एक, इंडियन ऑयल के समीप दो, खानपुर ओवरब्रिज से पहले एक, मंडी समिति के पास दो, वेयर हाउस के पास दो, प्रेमानंद आश्रम के निकट दो, साई मंदिर के निकट दो यह प्रमुख स्थान हैं। जहां अक्सर बच्चे भी बड़ों को देखकर जान जोखिम में डालकर अवैध कटों से आवागमन कर रहे हैं।
विज्ञापन

अवैध कटों को बंद कराने के लिए लगभग डेढ़ माह पहले एनएचएआई को पत्र लिखा गया था। एनएचएआई द्वारा हाईवे किनारे रेलिंग लगाने का काम किया जा रहा है। जल्द ही हाईवे के अवैध कट बंद होंगे। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रयास जारी हैं। अवैध कट पूरी तरह बंद कराए जाएंगे। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। -भरत पासवान, सीओ ट्रैफिक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें