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आवेदन के बाद भी नहीं मिला आवास, ये है पात्रों का हाल

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परिवार के साथ कच्चा मकान ढहने के बाद उसके बाहर बैठी ममता देवी - फोटो : AURAIYA
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औरैया। कई दिन से हो रही बारिश ने कच्चे घरों में रह रहे लोगों की हालत खराब कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई घर गिर गए हैं तो कई लोग खुले आसमान और टपकती छत के नीचे रहने पर मजबूर हैं। उनका कहना है कि कई बार प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन किया लेकिन पक्की छत नसीब नहीं हुई। अब कच्चा घर भी बारिश ने छीन लिया। वहीं जिम्मेदार सर्वे के बाद लाभ की बात कह रहे हैं।
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शासन की ओर से गरीबों के लिए चलाई गई प्रधानमंत्री शहरी गरीब आवास योजना समेत अन्य योजनाओं में अक्सर अपात्रों को लाभ मिलने की बात सामने आती है। वहीं पात्रों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। बारिश में घर ढहने के बाद ऐसे लोगों ने पीड़ा बताई।
सहायल थाना क्षेत्र के गांव सिखु निवासी ममता देवी पत्नी रामस्वरूप बाथम कई सालों से कच्चे मकान में रह रहीं थीं। ममता ने बताया कि उसका सपना है कि उसके पास भी पक्की छत हो। इसके लिए उसने कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाए। लेकिन हर बार उसे निराशा ही हाथ लगी है। कई दिन से लगातार हो रही बारिश में उसका कच्चा मकान भी गिर गया। जिससे पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने पर मजबूर है।
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गांव सिखू निवासी शिवकरन ने बताया कि उसने प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया था। पात्रता सूची में उसका नाम भी था। लेकिन आज तक उसे योजना का लाभ नहीं मिल सका है। जिससे मजबूरन छप्पर में गुजर करनी पड़ रही है। लेकिन इस बार की बारिश ने यह घर भी हमसे छीन लिया।
कसबा अयाना निवासी अखिलेश ने बताया कि वह 50 साल से परिवार समेत कसबे में रामलीला मैदान की जगह पर झोपड़ी में रह रहा है। बताया कि उसका जन्म अयाना कसबे में ही हुआ है। सभी दस्तावेज भी अयाना के हैं। पात्र होने के बाद भी पट्टे के लाभ से वंचित हैं। प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया तो जांच करने आए अधिकारी ने भूमि न होने के कारण उनका आवेदन निरस्त कर दिया।
अजीतमल कसबे के मोहल्ला राजीव नगर निवासी रामू गुप्ता ने बताया कि 2019 में प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया था। सूची में नाम होने के कारण लेखपाल ने सर्वे भी किया था। लेकिन आज तक योजना के लाभ से वंचित हैं। कच्चे आवास का एक हिस्सा पूरी तरह ढह गया है। अब सिर्फ एक कच्चा कमरा बचा है। जिसमें वह छोटे भाइयों व परिवार के साथ रहने को मजबूर है।
फफूंद कसबे के मोहल्ला जोगियान निवासी मोहम्मद हाशिम पिता के पुश्तैनी कच्चे मकान के एक कमरे में परिवार के साथ रहते हैं। डेढ़ साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन के बाद उनका नाम 301 पात्रता सूची में आ गया। परिवार को उम्मीद बंधी कि अब वह भी एक अदद पक्के घर में रह सकेंगे लेकिन उसके बाद से केवल जांचे ही हो रहीं हैं। एक सप्ताह से हो रही बारिश से उनकी कच्ची छत भी ढह गई। भाई के मकान में आश्रय लेना मजबूरी है।
जहां-जहां से इस तरह की सूचनाएं मिल रहीं हैं, वहां लेखपाल सर्वे कर रहे हैं। कुछ लोगों द्वारा गलत जानकारी भी दी जा रही है। पात्र वहीं होगा जिसके पास एक भी पक्का मकान या पक्का कमरा नहीं होगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर लाभ दिए जाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। - सुनील कुमार वर्मा, जिलाधिकारी
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