औरैया। बिहार में अवैध असलहा और कारतूस की तस्करी की जांच कर रही एनआईए 11 दिन बाद सोमवार को फिर औरैया पहुंची।
इस बार बिहार में अवैध कारतूस के जखीरे के साथ गिरफ्तार औरैया निवासी शत्रुघ्न शर्मा उर्फ लाला को भी टीम साथ लाई थी। जखीरे के संबंध में लाला के साथ टीम ने अलग-अलग स्थानों पर सीन रीक्रिएट किया। इसके साथ ही कई अन्य स्थानों पर भी टीम ने जांच की। जांच के बाद टीम मंगलवार शाम को लौट गई।
सराफा कारोबारी कमलकांत वर्मा का नाम बिहार में अवैध असलहा और कारतूसों की तस्करी में आने के बाद 4 दिसंबर को टीम औरैया आई थी। टीम ने करीब 15 घंटे तक 13 स्थानों पर जांच की थी। इसके बाद टीम लौट गई थी। 11 दिन बाद सोमवार शाम को एनआईए पटना की टीम एक बार फिर औरैया पहुंची।
इस बार टीम के साथ बिहार के कैमूर में कारतूसों के जखीरे के साथ गिरफ्तार हुआ शहर के मोहल्ला गढ़ैया निवासी शत्रुघ्न शर्मा उर्फ लाला भी था। यही लाला लंबे समय तक कमलकांत वर्मा के यहां ड्राइवर रहा है।
सोमवार शाम और मंगलवार को टीम ने लाला के साथ जालौन रोड और हाईवे पर कारतूसों की तस्करी के संबंधित सीन रीक्रिएट किए। सूत्रों के अनुसार जो कारतूस बिहार में पकड़े गए थे वह लाला ने जालौन रोड और हाईवे से ही कार में रखे थे।
सीन रीक्रिएशन की वीडियोग्राफी कराने के साथ ही संबंधित ठिकानों पर भी एनआईए ने जांच की। इससे टीम ने इस बात की तस्दीक की है कि कारतूस कहां से आए थे और किसके द्वारा लाला को सौंपे गए थे।
इसके बाद टीम कमलकांत के यहां भी कुछ देर के लिए गई। वहीं, कोतवाली में भी लाला व कमलकांत के कुछ करीबियों को बुलाकर पूछताछ भी की गई। दोपहर बाद टीम लाला को लेकर हरियाणा चली गई।
होटल संचालक का नाम आया सामने
एनआईए जांच में लाला ने हाईवे स्थित एक होटल से भी कारतूस रखे जाने की बात सामने आई। इसी के चलते टीम संबंधित होटल पर भी गई थी। ऐसे में होटल संचालक का नाम भी अब इस मामले में शामिल हो गया है। इसके अलावा भी लाला ने कुछ ठिकाने एनआईए को बताए हैं, जहां कमलकांत का आना जाना था। इन ठिकानों पर भी टीम जल्द छापा मार सकती है।
एनआईए पुराने मामले में ही जांच के लिए आई थी। टीम ने कहां-कहां जांच की और क्या कार्रवाई की, इस बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।
-अभिषेक भारती, एसपी