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Auraiya News: कुत्तों-बंदरों का आतंक, सात माह में अस्पताल पहुंचे 2813 मरीज

Fri, 14 Aug 2026 12:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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औरैया। जिले में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। सड़कों से लेकर गलियों तक जानवरों के खौफ से लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं। आए दिन हो रहे हमलों से लोगों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है।
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मंगलवार को अछल्दा क्षेत्र में कुत्ते के हमले में एक मासूम घायल हो गया था। बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए कानपुर रेफर कर दिया है। जहां उसका इलाज जारी है। गौरतलब है कि पिछले सात माह के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। महज सात माह में 2813 लोग बंदरों व कुत्तों के काटने से जख्मी हो चुके हैं।
यह आंकड़ा तो सिर्फ औरैया स्थित 50 शय्या अस्पताल का है। इसके अलावा अन्य जगहों पर भी इस प्रकार के जख्मी मरीज पहुंच रहे हैं। शहर के मोहल्ला तिलकनगर, नरायनपुर, ब्रह्मनगर, गोविंद नगर के लोगों का कहना है कि कुत्तों व बंदरों का आतंक इतना है कि घरों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। बताया कि आवारा कुत्ते और खूंखार बंदरों के वजह से बच्चों की अधिक देखभाल करनी पड़ रही है।
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माह मरीज
जनवरी 718
फरवरी 629
मार्च 280
अप्रैल 256
मई 330
जून 290
जुलाई 310
कुल मरीज 2813
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वर्जन
अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है। हमारे पास पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है और किसी भी मरीज को बिना इलाज वापस नहीं लौटाया जा रहा है। - डॉ. अनिल कुमार, सीएमएस, औरैया
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इस तरह करें बचाव
-सबसे पहले घाव को धो लें। हल्के गुनगुने पानी और साबुन का प्रयोग करें।
-किसी साफ कपड़े की मदद से रक्तस्राव को कम करने की कोशिश करें।
-यदि आपके पास एंटीबायोटिक क्रीम है तो उसे लगाएं।
-प्राथमिक घरेलू उपायों के बाद तुरंत डॉक्टर से मिलें।
-डॉक्टर की सलाह पर रेबीज का इंजेक्शन लगवाएं।
-कुत्ते के काटने के लक्षणों जैसे लालिमा, सूजन, दर्द और बुखार आदि पर विशेष ध्यान रखें।
-इसके बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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