दिबियापुर (औरैया)। राज्य अध्यापक पुरस्कार और औरैया रत्न से सम्मानित पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिवगंज के विज्ञान शिक्षक मनीष कुमार राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित हुए हैं। बुधवार को उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति उन्हें पुरस्कृत करेंगे।
मनीष कुमार ने बताया कि 2013 में जिले के प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के बीच विज्ञान के प्रति कम रुचि थी। उन्होंने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के माध्यम से बच्चों को विज्ञान प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने के लिए प्रोत्साहित किया। आज जिला विज्ञान क्लब के माध्यम से होने वाली विज्ञान प्रतियोगिताओं में शामिल होने वाले बच्चों को पुरस्कार मिलने से शिक्षक भी उत्साहित होते हैं। 2019 में उन्हें राज्य अध्यापक पुरस्कार मिल चुका है। विद्यालय में किए गए परिवर्तनों के साथ उन्होंने 18 राज्यों में शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशालाओं के आयोजन के साथ कई मुहिम चलाईं हैं। इससे छात्र-छात्राएं, शिक्षक और अभिभावक लाभान्वित हुए। मनीष को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलने की जानकारी पर रामेंद्र कुशवाहा, ज्ञान प्रकाश बाथम समेत कई शिक्षकों ने उन्हें बधाई दी।
ये मुहिम चलाकर बनाई पहचान
यंग चेंजमेकर्स, बाल अचीवर, जिला अध्यापक पुरस्कार, स्पार्क (साइंस पार्क), पूर्वजों की याद में पौधरोपण, अलाइव क्लास, क्विक क्विज सीरीज, वेबीनार, साइंस बिहाइंड मिरेकल शोज, स्ट्रीट क्लास, लघु फिल्मों से दीर्घ संदेश, ग्रीन बैंक, कबाड़ से जुगाड़ के जरिये मनीष ने अलग पहचान बनाई है।
छह को हुआ था साक्षात्कार
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए 15 जुलाई तक आवेदन मांगे गए थे। पूरे प्रदेश से बेसिक शिक्षा विभाग के 91 शिक्षकों ने आवेदन किए थे। राष्ट्रीय स्तर पर इंटरव्यू के लिए तीन शिक्षकों को चयनित किया गया। छह अगस्त को साक्षात्कार के लिए मनीष को लखनऊ बुलाया गया। दिल्ली में बैठी ज्यूरी के छह वरिष्ठ सदस्यों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये उनका इंटरव्यू लिया।