औरैया। फफूंद थाना क्षेत्र में हुई महिला मोर्चा की पूर्व मंडल उपाध्यक्ष शिखा पाल की हत्या में पुलिस ने मंगलवार को नामजद दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि पुलिस अभी तक हत्या के पीछे की मुख्य वजह और मौत का कारण नहीं पता लगा सकी है। पुलिस का कहना है कि भाजपा नेत्री का विसरा जांच के लिए फोरेंसिक लैब लखनऊ भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह साफ हो सकेगी।
रतवा गांव निवासी राम आसरे की बेटी शिखा पाल का शव 19 जनवरी को सल्लापुर गांव के पास स्थित एक यूकेलिप्टस के बाग से मिला था। मामले में रामआसरे की तहरीर पर पुलिस ने सल्लापुर गांव निवासी प्रवीण प्रताप सिंह, उसके भाई अनिरुद्ध प्रताप सिंह उर्फ सिक्कू और तीन अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। सोमवार की रात पुलिस ने नामजद प्रवीण व अनिरुद्ध को पकड़ा था। पूछताछ के बाद दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया।
इस बारे में एसपी सुनीति ने बताया कि भाजपा नेत्री के पिता ने प्रवीण व उसके भाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त लोई भी बरामद की गई है। हालांकि शिखा पाल की हत्या हुई या उसने खुदकुशी की। आरोपियों ने हत्या क्यों की। भाजपा नेत्री की मौत कैसे हुई। इन सवालों का एसपी स्पष्ट जवाब नहीं दे सकीं। उनका कहना है कि तीन डॉक्टरों के पैनल से शिखा का पोस्टमार्टम कराया गया था। पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई थी, लेकिन मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ। डॉक्टरों ने शिखा का विसरा सुरक्षित किया है। विसरा की जांच रिपोर्ट आने पर ही मौत की सही वजह सामने आ सकेगी। विसरा रिपोर्ट जल्द देने के लिए लैब के निदेशक को पत्र लिखा जा रहा है।
मुख्य आरोपी का शिखा के घर पहले से आना-जाना था
औरैया। भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व मंडल उपाध्यक्ष शिखा पाल की मुख्य आरोपी प्रवीण प्रताप सिंह से जान पहचान थी। इस बात की पुष्टि एसपी ने की। उन्होंने बताया कि प्रवीण प्रताप सिंह शराब के ठेके में सेल्समैन की नौकरी करता था। उसका शिखा के घर में पहले से आना-जाना था।
मोबाइल फोन और सिगरेट को लेकर हुआ था दोनों में झगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। पुलिस की जांच में अभी तक भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व मंडल अध्यक्ष शिखा पाल की हत्या की सही वजह अभी तक सामने नहीं आ सकी है। एसपी सुनीति ने बताया कि मुख्य आरोपी शराब ठेके के सेल्समैन प्रवीण सिंह और शक के आधार पर हिरासत में लिए अन्य आरोपियों के बयान विरोधाभाषी हैं।
एसपी के मुताबिक मुख्य आरोपी प्रवीण का कहना है कि शिखा ने उसका मोबाइल फोन बहाने लेकर बेच दिया था। इसे लेकर शिखा से उसका विवाद हुआ था। वहीं, जिस नाबालिग के साथ शिखा घटना के दिन घर से निकली थी। उसका पूछताछ में बताया कि प्रवीण ने उससे एक सिगरेट मंगाई थी। वह दुकान से सिगरेट लेकर पहुंचा, तो वहां शिखा और प्रवीण में सिगरेट को लेकर खींचतान हो गई। तब दोनों में झगड़ा भी हुआ था। इसके बाद शिखा का शव यूकेलिप्टस के बाग में मिला था। कहा जा रहा है कि प्रवीण ने भाई के सहयोग से शव को बाग में ले जाकर फेंका था।
शिखा की लोई से गला घोटकर हत्या किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन पोस्टमार्टम में शिखा के शरीर पर चोट या जोर जबरदस्ती के किए जाने के निशान नहीं थे। न ही मौत की वजह साफ हुई थी। फिलहाल पुलिस मामले में अन्य बिन्दुओं पर अभी जांच कर रही है। ।