तीन माह बाद भी जल निगम ने पालिका को नगर में ठीक कराए हैंडपंपों का डिटेल नहीं सौंपा है। इससे नगर में सही और खराब हैंडपंपों का आंकलन नहीं हो पा रहा है। पालिका ने जल निगम के अधिकारियों से कई बार प्रगति रिपोर्ट की सूची मांगी, लेकिन जल निगम इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
पालिका परिक्षेत्र में भीषण गर्मी के चलते भूगर्भ जलस्तर गिर जाने से दर्जनों हैंडपंप पानी छोड़ गए हैं। ऐसे में रीबोर की हालत में पहुंच चुके हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए पालिका ने जल निगम को सूची सौंपी थी। सूची मिलने के बाद जल निगम के अधिकारियों ने तीन दर्जन से अधिक हैंडपंप ठीक कराने का दावा किया। लेकिन वह कौन से हैंडपंप हैं इसकी सूची पालिका को उपलब्ध नहीं कराई। इससे यह पता लगा पाना मुश्किल है कि सूची में दर्ज कौन से हैंडपंप रीबोर किए जा चुके हैं।
ऐसे में जल निगम के अधिकारियों की कार्यशैली से पालिका प्रशासन नाराज है। मामले में डीएम ने जल निगम के अफसरों की क्लास लगाई। इसके बाद भी उनका रवैया नहीं सुधर रहा है। पालिका की अधिशाषी अधिकारी राधा तिवारी ने बताया कि शहरी क्षेत्र में रीबोर की हालत में दर्ज किए गए आठ दर्जन हैंडपंपाें की सूची जल निगम को दी जा चुकी है। इसके बावजूद उस सूची में शामिल कितने हैंडपंप रीबोर किए गए हैं। इसकी पालिका प्रशासन के पास कोई जानकारी नहीं है। मामले में कई बार जल निगम के अधिकारियों को सूचना देने के लिए कहा गया। लेकिन आज तक ठकी कराए हैंडपंपों की सूची मुहैया नहीं कराई गई है।