फोटो-04-अधिवक्ताओं से बात करते कोतवाली प्रभारी। संवाद
औरैया। एसओजी प्रभारी पर कार्रवाई न होने से नाराज अधिवक्ताओं ने शुक्रवार सुबह फफूंद रोड पर जाम लगा दिया। उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के कारण जेसीज चौराहे और फफूंद मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यह प्रदर्शन करीब आधे घंटे तक चला। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया। इसके बाद वकील शांत हुए और सड़क से हट गए।
यह मामला फफूंद थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। पुलिस ने किशोरी को ले जाने के आरोप में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया था। अधिवक्ता गौरव राठौर का आरोप है कि उनके मुवक्किल को तीन दिन तक थाने में रखा गया। पूछताछ के नाम पर यह हिरासत हुई थी। गौरव राठौर जब मुवक्किल से मिलने पहुंचे तो एसओजी प्रभारी ने उनके साथ अभद्रता की।
गौरव राठौर ने दूसरे दिन अपने अधिवक्ता साथियों के साथ पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती से मुलाकात की। उन्होंने एसओजी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने उन्हें दो दिन का समय देने को कहा था। दो दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अधिवक्ताओं ने शुक्रवार सुबह कचहरी के सामने सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया।
सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी जितेंद्र कुमार तिवारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच करीब आधा घंटा तक चली वार्ता के बाद रास्ता खुलवाया गया। इसके बाद एल्डर्स समिति के अध्यक्ष इंद्र पाल सिंह भदौरिया और अन्य अधिवक्ता कोतवाली पहुंचे। वहां अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा के समक्ष दोनों पक्षों की बैठक हुई। बातचीत के दौरान एसओजी प्रभारी ने स्पष्ट किया कि वह अधिवक्ता को पहचानते नहीं थे। स्थिति स्पष्ट होने पर उन्होंने अधिवक्ता गौरव राठौर से माफी मांग ली, जिसके बाद मामला शांत हो गया।
फोटो-04-अधिवक्ताओं से बात करते कोतवाली प्रभारी। संवाद