औरैया। जिले भर के सरकारी खरीद केंद्रों पर एकत्रित धान को चुनाव से पहले मिलों तक पहुंचाने को लेकर खाद्य एवं विपणन विभाग के अधिकारियों ने सक्रियता दिखाने के निर्देश दिए हैं। कारण है कि चुनाव में ट्रक आदि वाहनों के पाबंद किए जाने से धान को मिलों तक और मिलों से चावल को सरकारी गोदामों तक पहुंचाने का संकट खड़ा हो सकता है।
जिले में 28 फरवरी तक होने वाली धान खरीद को लेकर सभी 44 सरकारी खरीद केंद्रों पर जोरशोर से किसानों से धान खरीद की जा रही है। इस बार जिले में 65400 एमटी धान खरीद का लक्ष्य दिया गया था। जिसमें अब तक 6809 किसानों से 39696.45 एमटी यानी कुल 60 प्रतिशत खरीद की जा चुकी है।
यही नहीं 6809 किसानों को 7701.11 लाख रुपये का भुगतान होना था। जिसमें अब तक 5434 किसानों को 6020.52 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। जो कुल 78.18 प्रतिशत है। उधर, जिले में 20 फरवरी को होने वाले मतदान को लेकर वाहनों को पाबंद किए जाने का काम भी जोरों से चल रहा है।
ऐसे में केंद्रों के माध्यम से हुई धान की खरीद को मिलों तक पहुंचाने और मिलों से तैयार चावल को सरकारी गोदामों तक पहुंचाने में होने वाली समस्या की सोच अधिकारी भी पसोपेश में हैं। अभी तक हुई धान खरीद में 2383.92 मिट्रिक टन धान मिलों को दिया जा चुका है। जिसमें से 1063.711 मीट्रिक टन तैयार चावल सरकारी गोदामों में जमा कराया जा चुका है।
बोले जिम्मेदार---
खरीद केंद्रों पर एकत्रित धान को चुनाव से पहले मिलों तक पहुंचाने के लिए सभी केंद्र प्रभारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। जिससे चुनाव में वाहनों के पाबंद किए जाने से तैयार चावल को सरकारी गोदामों तक पहुंचाने में कोई समस्या न हो। सुधांशु चतुर्वेदी, डिप्टी आरएमओ, खाद्य विपणन विभाग।