औरैया। तीन बच्चों को नदी में डुबोकर मौत के घाट उतारने के मामले में गुरुवार को मां प्रियंका को फांसी व उसके प्रेमी चचेरे देवर आशीष को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इस पूरे मामले में प्रियंका अपने बचाव में कठिन जिंदगानी का हवाला देती रही। बयानों में उसने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए लेकिन उसके ये आरोप उसके बचाव के लिए नाकाफी रहे।
बचाव पक्ष में प्रियंका ने अदालत में अपना पक्ष रखा। बताया कि उसके पति अवनीश की दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके एवज में पांच लाख रुपये मुआवजा मिला था। ये रकम उसे न देनी पड़ी, इसलिए देवर मनीष व ननद ज्योति ने साजिश करके उसे बच्चों की हत्या के झूठे जुर्म में फंसा दिया है। सारा पैसा जब्त कर लिया। वादी मनीष ने उसकी भैंस भी बेच दी थी। उसका पैसा भी हड़प कर लिया। ये पैसा न देना पड़े। इस लिए दुर्घटना को उसका कृत्य बताकर साजिश के झूठे आरोप में फंसा दिया। यहां तक कि ससुरालीजनों ने उसे बच्चों के साथ घर से निकाल दिया था। भले ही इन बयानों से उसने अपनी जिंदगी की मुश्किलें बताईं लेकिन जो उसने किया उसका बचाव नहीं कर पाए।