अजीतमल (औरैया)। गांवों में भरा यमुना के बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतर रहा है और ग्रामीण लौट रहे हैं। लेकिन बाढ़ में तबाह घर और गृहस्थी देखकर उनके आंसू नहीं थम रहे हैं। गांव वालों के सपने पानी में बह गए हैं। उनका कहना है कि हर बार की तरह तबाही का वही मंजर आंखों के सामने है। प्रशासन राहत तो दे रहा है लेकिन ये नाकाफी है। सिर्फ आश्वासनों के भरोसे काम चल रहा है। अब उनके सामने फिर से घर बसाने की चुनौती है।
बुधवार को सिकरोड़ी गांव में चप्पे-चप्पे पर बाढ़ की तबाही का मंजर दिखा। चारों तरफ रास्तों पर जहां कीचड़ ही कीचड़ था। फिसलन भरे रास्तों पर कई घर दरके दिखे या उनका मलबा नजर आया।
गांव के अंदर पहुंचने पर एक तरफ अपने गिरे हुए घर के मलबे को निहारती सरला देवी दिखीं। बताया कि बाढ़ के पानी ने उनका आशियाना हमेशा के लिए छीन लिया। बताया कि सरकार की ओर से हर साल बाढ़ आने पर राहत के नाम पर सिर्फ वादे ही मिलते हैं। (संवाद)
कुछ ही दूरी पर मौजूद सीता देवी पत्नी रामनारायण निषाद ने पानी में बहे कच्चे घर की जमीन की तरफ इशारा कर बताया कि बाढ़ का पानी उनकी गृहस्थी ही उजाड़ गया। अब उनके पास न तो घर है और न ही खाने के लिए दाना। उनकी आंखों में सवाल ही दिख रहे थे। वहीं चंद्रकली पत्नी हरगोविंद के मकान की दीवार भी बाढ़ के पानी में दरक गई। (संवाद)
सतानंद ने बताया कि पिछले साल भी बाढ़ के दौरान आए अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने मदद के नाम पर कई आश्वासन दिए थे जो पूरा होने की राह देख रहे हैं। गांव निवासी राजू ने बताया कि उसका मकान भी दरक गया है। रानी देवी पत्नी राम किशारे का भी मकान पूरी तरह चटका मिला। (संवाद)
गांव में परचून की छोटी सी दुकान चलाकर अपना परिवार पालने वाले शिव सिंह ने बताया कि गृहस्थी के सामान के साथ-साथ दुकान में भरा सारा सामान बाढ़ के पानी की भेंट चढ़ गया। जिससे सारी पूंजी भी खत्म हो गई। अब परिवार पालने के लिए कोई सहारा नहीं दिख रहा है। (संवाद)
गांव के प्राथमिक विद्यालय के बाहर तमाम कागज पड़े दिखे। पता किया तो विद्यालय की रसोइया ने बताया कि विद्यालय में रखे कागज बाढ़ के पानी में भीग गए थे। जिनको धूप में सुखाया जा रहा है। (संवाद)
सिकरोड़ी पुल के पास सड़क में आई दरार
अजीतमल (औरैया)। यमुना में आई बाढ़ और तेज बहाव से सिकरोड़ी गांव स्थित यमुना नदी पुल में दरारें आ गईं है। पुल के आसपास मिट्टी धंसकने से गड्ढ़े भी हो गए हैं। जिले को इटावा से जोड़ने वाले इस पुल पर आवागमन भी अधिक रहता है। ऐसे में भारी वाहनों के निकलने से बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इसकी मरम्मत कराई जाए। (संवाद)