औरैया। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के मामले में तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इस कड़ी में होम्योपैथिक अस्पतालों की व्यवस्थाएं काफी हद तक बेपटरी नजर आ रही हैं। कहीं अस्पतालों में ताला जड़ा मिला है तो कहीं वार्ड बॉय मरीजों को दवा देते नजर आ रहे हैं। गुरुवार को की गई पड़ताल में जो तस्वीरें सामने आईं वह विभाग की बदहाली की गवाही दे रही हैं। यहां पर अधिकारियों की समस्या भी कहीं न कहीं ध्यान देने वाली है। स्टाफ की कमी के चलते होम्योपैथी विभाग धरातल पर पर्याप्त पनप नहीं पा रहा है। स्टाफ बढ़े तो स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी हो।
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फोटो-06एयूआरपी 27- होम्योपैथिक चिकित्सालय में गुरुवार को 11 बजे लगा ताला। संवाद
एरवाकटरा ब्लाॅक के बरौनाकलां गांव में स्थित राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय में गुरुवार को 11 बजे ताला लटका मिला। यहां आसपास सन्नाटा पसरा मिला। यहां तैनात डॉ. सीमा जोशी ने बताया कि वह मानव संपदा पोर्टल पर काम के सिलसिले में जिला मुख्यालय गईं हुई हैं।
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फोटो-06एयूआरपी 28 - अजीतमल स्थित होम्योपैथिक अस्पताल में खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी। संवाद
फोटो-06एयूआरपी 29- अजीतमल स्थित होम्योपैथिक अस्पताल में महिला को दवा देता वार्ड ब्वाय। संवाद
अजीतमल सीएचसी के एक कमरे में संचालित होम्योपैथिक चिकित्सालय सप्ताह में महज तीन दिन खुलता है। यहां तैनात डॉ. संगीता परिहार एक माह से मेटरनिटी लीव पर है। गढि़या बक्सी रामपुर में तैनात डॉ. प्रियांसु पटेल की ड्यूटी लगाई गई है। तीन दिन अजीतमल वह आते हैं। गुरुवार को उनकी कुर्सी खाली पड़ी रही। डॉक्टर की गैरमौजूदगी में वार्ड बॉय अवनीश कुमार ने दवा को वितरण किया।
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वर्जन
‘होम्योपैथिक स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्टाफ की कमी है। इसकी डिमांड शासन को लगातार भेजी जा रही है। किसी तरह से मरीजों को सेवाएं देने के लिए प्रयासरथ हैं।’
-सुधांशु दीक्षित, जिला होम्योपैथी चिकित्साधिकारी