औरैया। जिले के 1265 परिषदीय स्कूलों को साल 2024 के दिसंबर माह के अंत तक 19 पैरामीटरों पर खरा उतारे जाने का लक्ष्य शासन स्तर से मिला है। इस सब के बीच बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इन पैरामीटरों पर स्कूलों की स्थिति व खामियों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर ली है।
बीएसए अनिल कुमार की ओर से भेजी गई डिमांड में खास तौर पर जिले के 155 परिषदीय स्कूलों में शेष रह गई बाउंड्रीवाल को बनाए जाने का जिक्र किया गया है। वहीं दिव्यांग शौचालय से लेकर टाइल्स के लिए 300 से ज्यादा स्कूलों की लिस्ट सौंपी गई है। वहीं आधुनिक रसोईघर, बच्चों के लिए डेस्क व बेंच, श्यामपट समेत चिह्नित स्कूलों की सूची अलग-अलग काम के लिए सौंपी गई है।
बाउंड्रीवाल व टाइल्स को लेकर ही बड़ा काम होना है। इसे लेकर प्रमुखता से काम कराया जाना है। सभी स्कूलों को लेकर एक समाहित तौर पर प्रस्ताव बनाया गया है। जिसे लेकर मनरेगा के तहत काम कराया जाएगा। इसके लिए प्रधानाध्यापकों को भी सजग किया गया है। जिले में 80 फीसदी तक मानकों के तहत स्कूलों को व्यवस्थित कर दिया गया है।
20 फीसदी काम को लेकर छह महीने की मशक्कत होनी है। ऑपरेशन कायाकल्प को लेकर छह महीने स्कूलों की दशा बदलने वाले रहने वाले होंगे। वहीं निर्माण विभाग के पटल सहायक को लगातार स्कूलों के निरीक्षण व स्थलीय मूल्यांकन के निर्देश भी दिए गए हैं।
इन मानकों पर होना है काम
शुद्ध सुरक्षित पेयजल, विद्यालय में नल-जल की आपूर्ति, बालक इज्जत घर, बालिका इज्जत घर, बालक यूरिनल, बालिका यूरिनल, यूरिनल में जलापूर्ति, इज्जतघर का टाइलीकरण, दिव्यांग सुलभ शौचालय, मल्टीपल हैंड वाशिंग यूनिट, आधुनिक रसोईघर, कक्षा की फर्श पर टाइलीकरण, श्यामपट विद्यालय की रंगाई-पुताई, दिव्यांग सुलभ रैंप व रेलिंग, कक्षा कक्ष में वायरिंग व विद्युत उपकरण, विद्यालय का विद्युत संयोजन, बच्चों के लिए डेस्क व बेंच, विद्यालय की चाहरदीवारी।
वर्जन
स्कूलों में कायाकल्प को लेकर प्रस्ताव बनाकर मनरेगा डीसी को भेज दिया गया है। मनरेगा के जरिए परिषदीय स्कूलों में रहे बचे कार्यों को पूरा कराया जाएगा। छह माह के अंदर शासन से मिले लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।
-अनिल कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी औरैया