औरैया। शासन के निर्देश पर जिले में जीका वायरस को लेकर एलर्ट जारी है। बुखार से पीड़ित मरीजों वाले तीन गांवों में स्वास्थ्य टीमें पहुंचीं। जीका वायरस को लेकर स्वास्थ्य कर्मी सतर्क रहे। बीमार लोगों में लक्षण तलाशते दिखे। हालांकि किसी में लक्षण न मिलने पर जीका वायरस का सैंपल नहीं लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि लक्षण मिलने पर ही इस बीमारी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे।
जिले के कई गांवों डेंगू और बुखार के मरीजों का उपचार करने स्वास्थ्य टीमें पहुंच रही हैं। गांवों में जीका वायरस के मरीजों की तलाश भी की जा रही है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जिले में एक भी सैंपल जीका वायरस की जांच के लिए अब तक नहीं लिया गया है। कारण किसी भी मरीज में जीका वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि बुधवार को करमपुर निगड़ा, गोहना समेत तीन गांवों में स्वास्थ्य टीमें पहुंचीं।
जहां बुखार, सर्दी, खांसी आदि बीमारियों से पीड़ित 186 मरीजों का उपचार किया गया और उन्हें निशुल्क दवाओं का वितरण किया। यही नहीं इस दौरान डेंगू के लक्षण वाले 38 मरीजों के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा गया। मरीजों की जांच करने पहुंची टीमों ने ग्रामीणों को बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया। साथ ही लार्वा की जांच भी की। स्वास्थ्य कर्मियों ने लार्वा स्प्रे, डीडीटी का छिड़काव किया।
विभागीय आंकड़ों के मुताबित बुधवार को प्राप्त हुई सैंपलों की रिपोर्ट में एक भी डेंगू संक्रमित मरीज नहीं मिला है। जिले में कुल डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 185 है।अब सक्रिय केसों की संख्या घटकर 25 रह गई है।
जीका वायरस के लक्षण यदि किसी मरीज में मिलते हैं। तभी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। स्वास्थ्य टीमें डेंगू और जीका वायरस को लेकर सतर्क हैं। बुधवार तक टीमों को जीका बीमारी के लक्षण वाला एक भी मरीज नहीं मिला है। - डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ, औरैया
जिला अस्पताल पहुंचे 520 मरीज, सात भर्ती
50 शय्या जिला संयुक्त चिकित्सालय में बुधवार को 520 मरीजों ने उपचार कराया। इस दौरान गंभीर हालत में पहुंचे सात मरीजों को भर्ती किया गया। जिन्हें दोपहर बाद आराम मिलने पर घर भेजा गया।