औरैया। गांवों में वायरल फीवर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को चार गांवों में टीमें पहुंची। जहां 250 से अधिक मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें अधिकांश वायरल बुखार से ग्रसित पाए गए। 50 शय्या अस्पताल में ओपीडी में 558 मरीजों ने मंगलवार को परीक्षण कराया। भीड़ के चलते मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। गर्मी के चलते मरीज परेशान हुए। तीन मरीजों को वार्ड में भर्ती किया गया।
50 शय्या अस्पताल में मंगलवार सुबह से ही मरीजों की भीड़ देखने को मिली। अस्पताल की सीढ़ियों और धूप में बैठककर मरीजों ने पहले चिकित्सकों के आने और फिर अपनी बारी आने का इंतजार किया। ओपीडी में पहुंचे 558 मरीजों ने अपना उपचार कराया। जिसमें वायरल फीवर से पीड़ित तीन मरीजों को वार्ड में भर्ती किया गया। इधर अधीक्षक डॉ. पीके कटियार ने बताया मौसम परिवर्तन के चलते वायरल बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। तीन दिनों से मरीजों की संख्या में तेजी देखने को मिली है। बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में 50 फीसदी से अधिक लोग वायरल बुखार के देखने को मिल रहे है। वहीं वायरल बीमारियों को नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य टीमें सक्रिय हैं।
बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए टीमें गांव-गांव जा रहीं हैं। जो ग्रामीणों को बीमारियों से बचाव के लिए बता रहीं हैं। साथ ही लार्वा की तलाश भी की जा रही है। जिससे कि बीमारियों को फैलने से रोका जा सके। मंगलवार को रसूलपुर, अकबरपुर, मिहौली समेत चार गांवों में स्वास्थ्य टीमें पहुंची। जहां 250 से अधिक मरीजों का उपचार किया गया और उन्हें दवाएं भी दी गईं। डेंगू के लक्षण वाले 20 मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए सैफई भेजा गया है।
वायरल फीवर के लक्षण
- मरीज को थकान महसूस होने लगती है। मांसपेशियों या बदन में दर्द शुरू हो जाता है। तेज बुखार, खांसी, जोड़ों में दर्द, दस्त, सर्दी, गले में दर्द, सिर दर्द, आंखों में लाली और जलन की शिकायत होने लगी है।
बचाव के लिए ये करें
बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा होता है। ऐेसे में सूती या पर्याप्त वस्त्र पहनना चाहिए। खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है। पौष्टिक आहार लेना चाहिए। इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। मौसम फलों एवं सब्जियों का खाने में प्रयोग करना चाहिए। विटामिन सी वाले फल जैसे संतरा, नीबू ज्यादा लेना चाहिए। ठंडे पदार्थों का सेवन भी कई वायरल बुखार का कारण बन जाता है। सुबह की सैर के साथ योग भी अच्छा होता है।
वर्जन
बदलते मौसम में सतर्क रहने की जरूरत है। थकावट, संक्रामक जुकाम, उल्टी, दस्त, वायरल व प्लेटलेट्स डाउन होने जैसे लक्षण दिखने पर तत्काल डाक्टर से संपर्क करें। जिन गांवों में लोग बीमार मिल रहे है, वहां स्वास्थ्य टीम भेजी जा रही है। - डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ