औरैया। लॉकडाउन के चलते स्कूल बंद होने पर छात्रों का कोर्स न पिछड़े इसके लिए सीबीएसई ने ऑनलाइन क्लासेस शुरू की हैं। नियमों के तहत नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा के छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है। वहीं दसवीं और 12वीं के छात्रों को वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से कक्षाएं संचालित हो रहीं हैं। घर बैठे छात्रों को हर विषय की 40-40 मिनट की क्लास लग रही है। जिसमें बच्चों को पाठ की जानकारी, वर्कशीट, वीडियो एक्टिविटी सब कुछ ऑनलाइन ही कराया जा रहा है। लॉकडाउन के चलते छात्रों ने किताबें नहीं खरीदी और न ही स्टेशनरी खरीदी है। इसलिए पिछले सालों की कापी के खाली पन्नों का प्रयोग किया जा रहा है।
बीबीएस स्मृति विद्यापीठ के प्रबंधक गौरव भूषण शर्मा ने बताया कि सीबीएसई के निर्देशानुसार स्कूलों ने आनलाइन कक्षाएं शुरू कराई हैं। वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से छात्रों को नई कक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल विभिन्न पाठों की जानकारी दी जा रहीं हैं। स्कूलों को मार्डन डिजिटल माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश हैं। इसके लिए निशुल्क ऐप का सहारा भी लिया जा रहा है। सेमफोर्ड स्कूल के प्रबंधक देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि छात्रों को शिक्षक आनलाइन कक्षाएं लगाने के साथ ही उन्हें होमवर्क भी दे रहे हैं। छात्रों को सिलेबस से लेकर पाठ योजना की सारी जानकारी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से दी जा रही है।
गेल डीएवी स्कूल के बच्चे भी ऑनलाइन कर रहे पढ़ाई
दिबियापुर (औरैया)। गेल डीएवी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि लॉकडाउन की स्थिति को देखते हुए कक्षा 3 से 12 तक की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गई है। विद्यालय के शिक्षकों द्वारा इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी विभिन्न संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम और ई-टेक्स्ट बुक्स उपलब्ध कराईं गई हैं। शिक्षक विभिन्न ऐप और सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल शैक्षिक सामग्री के आदान प्रदान के लिए कर रहे हैं। बताया कि सीबीएसई और एनसीईआरटी के विभिन्न ऐप्स जैसे दीक्षा और ई-पाठशाला भी काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं। इसके साथ ही शिक्षक विभिन्न माध्यमों से लाइव ऑनलाइन क्लासेज भी ले रहे हैं। हालांकि आनलाइन कनेक्टिविटी की गति कम होने से कुछ कठिनाइयां आ रहीं हैं। प्रधानाचार्य अशोक कुमार ने आश्वस्त किया कि जो विद्यार्थी इन आनलाइन माध्यमों से विद्यालय के टीचरों से नहीं जुड़ पा रहे हैं। उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि विद्यालय प्रारंभ होने पर सभी विषयों में दोबारा अभ्यास कराया जाएगा।