औरैया। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कच्ची सूची में ऐसी कमियां देखने को मिल रही हैं, जिन्हें देखकर मतदाताओं की नींद उड़ी है।
हाल ही में ओमप्रकाश के घर अब्दुल वाहिद दर्ज होने का मामला सामने आया था तो वहीं अब खुर्शीद अनवर के घर में गंगा देवी, पुष्पेंद्र और रूबी भी दर्ज हैं। अब दोनों ही परेशान हैं कि आखिर वे इसमें सुधार कैसे कराएं। वहीं, कस्बा खानपुर में पति का नाम पते की जगह लिखा है।
एसआईआर में सबसे बड़ी गड़बड़ी एक ही परिवार में हिंदू-मुस्लिम दोनों को दर्ज किए जाने की सामने आ रही है। नाम में गलती हो जाना तो अलग बात है, लेकिन बीएलओ यह भी नहीं देख पाए कि मुस्लिम परिवार में कैसे हिंदू परिवारों के नाम शामिल कर दिए। लोगों का कहना है कि जल्दबाजी में काम पूरा करने के कारण ही एसआईआर में ऐसी गड़बड़ी सामने आ रही हैं।
इतना ही नहीं मतदाता सूचियों में मकान नंबर खाली छोड़ देना तो समझ आता है, क्योंकि कई बार गांवों में लोगों को मकान नंबर पता नहीं होते हैं, लेकिन यहां तो मकान नंबर में कहीं महिला के पति का नाम तो कहीं मतदाता के पिता का नाम लिख दिया है।
यह कमियां प्रपत्र भरने के दौरान हुईं या फीडिंग के दौरान, यह तो बाद में ही पता चलेगा, लेकिन ऐसे मतदाता परेशान हो रहे हैं। बीएलओ भी इन गलतियों को देखकर माथा पीट रहे हैं। वहीं, लोग इसे बीएलओ की गलती बता रहे।
केस एक
नौ सदस्यों के परिवार में 12 लोग कर दिए
विधानसभा बिधूना की मतदेय स्थल संख्या आठ जिला पंचायत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरैन है। एसआईआर के बाद यहां की कच्ची सूची जारी हुई तो लोग अपना नाम ढूंढने लगे। इसमें खुर्शीद अनवर के मकान नंबर 632 में गंगा देवी, पुष्पेंद्र और रूबी का नाम भी दर्ज है। उनके परिवार में कुल नौ ही सदस्य थे, लेकिन एसआईआर ने इन्हें बढ़ाकर 12 कर दिया है।
केस दो
नामों की कई तरह की गड़बड़ी
विधानसभा औरैया क्षेत्र के कस्बा खानपुर में मतदेय स्थल संख्या 374 की एसआईआर सूची में भी ढेरों कमियां हैं। यहां महिलाओं के पति का नाम ही उनका पता बन गया है। मकान नंबर में भी पति का नाम ही दर्ज कर दिया है। सूची में क्रमांक 656 पर दर्ज तरन्नुम के पति और मकान संख्या में दोनों चांद मेंब्रान लिखा है। इसी तरह अन्य कई नामों में भी यही हाल है।
मतदाताओं की सहूलियत के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश पर 17 और 18 जनवरी दो दिन विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इनमें जो भी कमियां हैं उन्हें प्रपत्र भरवाकर दूर कराया जा रहा है। जहां भी चूक हुई है, उन बीएलओ को चेतावनी दी जाएगी। -रामेंद्र सिंह, जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी।