औरैया। बिधूना क्षेत्र के धनवाली में छह साल पहले हुए ऑनर किलिंग मामले में अपर एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी दो) न्यायालय के न्यायाधीश विनय सिंह ने चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। सभी पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
धनवाली गांव निवासी वादी श्याम सिंह ने छह वर्ष पहले पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि उसका भतीजा गौरव ने मई 2017 में गांव के ही सुरेंद्र बाथम की बेटी की शादी के लिए डेढ़ लाख रुपये उधार दिए थे जिन्हें उन्होंने वापस नहीं किया। गांव के इंद्रपाल ने भी अपने साले की शादी में जेवर के बहाने दो लाख रुपये लिए थे जिसे वापस नहीं किया। 10 जुलाई 2019 को रुपये मांगने पर दोनों ने धमकी थी।
इसी दिन रात नौ बजे इंद्रपाल व सुरेंद्र भतीजा गौरव को पैसा लौटाने के बहाने अपने साथ ले गए। देर रात तक वह नहीं लौटा तो पुलिस में गुमशुदगी लिखाई गई। 12 जुलाई को सूचना मिली कि गांव के बीहड़ में नीम के पेड़ से एक ही फंदे में एक लड़का व लड़की के शव लटके मिले। लड़के की पहचान वादी के भतीजे गौरव के रूप में की गई जबकि लड़की के शव शिनाख्त आरोपी सुरेंद्र की बेटी रश्मि के रूप में की गई। इसमें ऑनर किलिंग की बात सामने आई।
दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन पुलिस ने लड़की पक्ष का रिपोर्ट सही नहीं पाई। ऐसे में पुलिस ने मामले में एफआर लगा दी लेकिन मृतक गौरव की हत्या व अपहरण के आरोप में विवेचक ने आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। यह मुकदमा रविंद्र, इंद्रपाल, सुरेंद्र व दीपक उर्फ छोटे निवासी धनवाली के खिलाफ अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में चला।
न्यायाधीश विनय सिंह ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। बुधवार को उन्होंने फैसला सुनाया। सजा पाए अभियुक्तों रविंद्र, इंद्रपाल, सुरेंद्र व दीपक उर्फ छोटे को जिला कारागार इटावा भेजा गया।