कंचौसी (औरैया)। यूएम पॉवर परियोजना से प्रभावित किसानों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। किसान अपने परिवार सहित परियोजना के खिलाफ अपनी जंग को छेड़ चुके हैं। किसानों के पक्ष में जिला पंचायत अध्यक्ष ने परियोजना प्रभावित किसानों को हर स्तर पर मदद दिलाए जाने का भरोसा दिलाया।
जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह रविवार को परियोजना स्थल पर किसानों के चल रहे प्रदर्शन पर पहुंचकर किसानों से पूरे मामले की जानकारी ली। किसानों का आरोप है कि यूएम पावर के अधिकारियों औने-पौने दामों में किसानों की जमीन का अधिग्रहण कर लिया। इस पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि किसानों के साथ धोखेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यूएम पावर के अधिकारियों ने वादाखिलाफी कर किसानों के साथ छल किया है और उनकी जमीनें औने-पौने दामों में लिखाकर उनको भूमिहीन कर परिवारों को भुखमरी के कगार पर पहुंचा दिया। किसानों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। कहा कि किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यूएम पॉवर की ईंट से ईंट बजा दी जाएगी।
जब तक वादे के अनुसार आज के सर्किल रेट के अनुसार भुगतान नहीं होगा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी नहीं मिलेगी। तब तक परियोजना के अधिकारी कार्य को आगे बढ़ाने की हिम्मत न जुटाए। ऐसा न होने पर परियोजना को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि धन, गाड़ी और कानूनी सलाह जैसी मदद किसानों को दी जाएंगी। परियोजना प्रभावित किसानों के भारी हुजूम ने अपने जिला पंचायत अध्यक्ष को फूल मालाओं से लाद दिया। उन्होंने कहा कि भयभीत होने की जरूरत नहीं है। परियोजना के अधिकारियों से वार्ता होगी, वह अकेले में नहीं होगी समस्त किसानों के समक्ष होगी। किसानों ने एक स्वर में कहा कि यूएम पॉवर परियोजना निर्धारित समय में तैयार नहीं हो सकी। इसलिए परियोजना के अधिकारी किसानों की जमीन वापस करें। सुघर लाल, सुदामा प्रसाद, घनश्याम, चंद्र प्रकाश, लाल सिंह, सुघर सिंह, रवींद्र, भूरे यादव, राजकुमार, श्याम सिंह, सुमन, राजदुलारी, रामसिंह, वंशीलाल आदि मौजूद रहे। इस मौके पर ग्रामीणों ने एक ज्ञापन भी जिला पंचायत अध्यक्ष को सौंपा।